मध्यप्रदेश। प्रदेश के धार जिले से एक अजीब मामला सामने आया है। जिले के बोडिया ग्राम पंचायत में एक व्यक्ति ने राजू नाम से अपने पालतू कुत्ते का नाम राशन कार्ड में दर्ज करवा दिया।कार्ड के कॉलम 'मुखिया से संबंध' में बाकायदा पुत्र लिखवाया। वह सालभर से तीन लोगों का राशन ले रहा था। हाल ही यह मामला तब पकड़ में आया, जब राशन कार्ड में दर्ज तीनों लोगों के आधार कार्ड नंबर मांगे गए।

प्रति व्यक्ति को प्रतिमाह पांच किलो राशन दिया जाता है, यानी कुत्ते के नाम से सालभर में 60 किलो राशन बंट गया। जनपद पंचायत सरदारपुर के सीईओ केके उईके ने बताया कि अभी मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है। प्रकरण आते ही कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक़ गुलरीपाड़ा निवासी 70 वर्षीय नृसिंह बोदर के राशन कार्ड में घर के तीन सदस्य के नाम दर्ज हैं। हर बार की तरह नृसिंह हफ्तेभर पहले राशन लेने शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर पहुंचे।

सेल्समैन कैलाश मारू ने नृसिंह से आधार कार्ड मांगा। उन्होंने दो व्यक्तियों का कार्ड और नंबर दे दिए। जब राजू नाम से दर्ज सदस्य का आधार कार्ड माँगा तो बोला वो तो मेरे कुत्ते का नाम है। जांच की तो पता चला कि ग्राम पंचायत द्वारा जो राशन कार्ड बनाया गया, उसका सत्यापन नहीं किया गया है। इस संबंध में मैंने खाद्य अधिकारी अनुराग वर्मा को जानकारी दे दी है।