भोपाल। गाय के नाम पर हिंसा को रोकने के लिए मध्यप्रदेश सरकार एक विधेयक लाने जा रही है। जिसके तहत गौवंश के नाम पर भीड़ द्वारा हिंसा करने पर कार्यवाही होगी। सरकार ने ऐसे मामलों पर 5 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान रखा है। आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी मिल सकती है।

मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य होगा जहाँ ऐसा विधेयक लाया गया है। सरकार इस मानसून सत्र ही इसे पारित करना चाहती है ताकि जल्द से जल्द गाय के नाम पर मोब लीचिंग कि घटना पर रोक लगाई जा सके। इस विधेयक के पारित होने के बाद हिंसा के मामलों में एक अलग कानून के तहत कार्यवाही होगी।

देश में भीड़ द्वारा शक के आधार पर खुले आम मारपीट की घटना अब आम हो गयी है। झारखण्ड में भीड़ ने मुस्लिम युवक से जय श्री राम के नारे लगवाए और जमकर मारपीट की, घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में मारपीट कि वजह दूसरी थी मगर भीड़ का आक्रोश उसी स्तर का था। लिहाज़ा अब मध्यप्रदेश सरकार ने अपने गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम में बदलाव किया है। वर्तमान कानून में गाय की हत्या, गौमांस कि बिक्री, गाय के परिवहन पर रोक है। मगर अब इस अधिनियम में संशोधन के बाद गौहत्या के शक पर किसी से मारपीट करना भी दंडनीय होगा। सरकार ने ऐसे मामलों पर 5 साल कि जेल और जुर्माने का प्रावधान रखा है।