भुवनेश्वर। शनिवार को उत्कल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (यूसीसीआई) की ओर से बैठक आयोजित की गयी थी। इस बैठक में कोयले की भारी कमी के बारे में चर्चा हुई। ओडिशा में कोयले से चलने वाले उद्योग इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

दरअसल उड़ीसा में कोयले से चलने वाले उद्योग इस जीवाश्म ईंधन की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। उद्योगपतियों ने कहा कि अगर इस मुद्दे को जल्द नहीं सुलझाया जाता है तो इससे कई प्रमुख हितधारकों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि इससे ‘मेक-इन-ओडिशा’ का दीर्घ अवधि का औद्योगिक माहौल भी प्रभावित होगा। यूसीसीआई के अध्यक्ष रमेश महापात्र ने कहा, “ओडिशा देश में सर्वाधिक कोयला का उत्पादन करने वाले राज्यों में शामिल है।

हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कोयला से काम करने वाले हमारे उद्योग को अपनी ही भूमि पर प्राथमिकता नहीं मिल रही। हम लोगों के लिए यह गंभीर चिंता की बात है और प्रमुख हितधारकों की मदद से हमें इसे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि चैंबर पहले ही ओडिशा के मुख्य सचिव के समक्ष यह मुद्दा उठा चुका है, राज्य सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह कर चुका है। महापात्र ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह केंद्रीय कोयला मंत्री से भी संपर्क करेगा।