एजुकेशन / जॉब्स

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नई दिल्ली। CBSE की 10वीं-12वीं बोर्ड की परीक्षा 15 फरवरी से शुरू हो जायेगी। इस साल परीक्षा में लगभग 28 लाख छात्र शामिल होने वाले हैं। परीक्षा के लिए परिवर्तित नियमों की जानकारी दी गई है। बोर्ड के नए नियम के अनुसार एडमिट कार्ड पर पैरेंट्स, छात्र और प्रिंसिपल के हस्ताक्षर होने चाहिए। इस साल बोर्ड ने एडमिट कार्ड पर पैरेंट्स के हस्ताक्षर के लिए एक कॉलम बनाया है। किसी एक के हस्ताक्षर छूटने पर परीक्षा केंद्र में एंट्री की अनुमति नहीं दी जाएगी।

CBSE ने स्कूलों और अभिभावकों को आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। CBSE ने स्कूलों और अभिभावकों को आधिकारिक वेबसाइट बोर्ड ने परीक्षा के लिए स्कूल यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दिया गया है। बोर्ड ने इसके लिए स्कूलों को सलाह दी है कि वे अपने छात्रों को इसके बारे में निर्देश दें। अगर रेग्युलर छात्र परीक्षा के दौरान सही तरीके से स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आते हैं, तो उन्हें परीक्षा केंद्र में एंट्री के लिए रोका जा सकता है।

बोर्ड ने परीक्षार्थियों के लिए गाइडलाइन जारी की है जिसके अनुसार:-

  • छात्र एक पारदर्शी बैग में अपनी पेन और जरूरत की स्टेशनरी ले जा सकते हैं।
  • छात्रों को स्कूल के कार्ड और सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के एडमिट कार्ड ले जाने की अनुमति है।
  • परीक्षा हॉल के भीतर कोई नोट्स, पर्स, मोबाइल फोन, स्मार्ट वार्च लेकर जाने की सख्त मनाही है।
  • वहीं एक बार चेक कर ले एडमिट कार्ड पर सिग्नेचर और मुहर लगी हुई हो।
  • परीक्षा के लिए छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म में ही जाना होगा।
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सोनीपत। 'म्हारी छोरियां छोरों से कम ना से' इस बात को फिर एक बार चरितार्थ किया है, हरियाणा की सौम्या ने। यह पहली बार नहीं है की बेटियों ने देश का नाम रौशन किया है। कई ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं, जब बेटियां समाज की विभिन्न परिस्थितिओं से लड़ कर अपने हुनर को पहचान देती हैं।

अब बेटियां सिर्फ लाडली और बहुरानी के नाम से नहीं जानी जाती बल्कि एक पिता का सम्मान भी हैं। देखा जाये तो बेटियां अन्तरिक्ष पर जा रही हैं, एवरेस्ट जैसी ऊँची-ऊँची पर्वतें फतेह कर रही हैं। ऐसे साहस भरे कार्यों की लंबी सूची है। संतोष यादव से लेकर शिवांगी पाठक तक पहाड़ पर चढ़ने, खेलों में स्वर्णिम प्रदर्शन के साथ ही वे तीनों सेनाओं में बड़ी संख्या में भागीदारी भी कर रही हैं। अर्द्धसैनिक बलों में तो प्रभावी भूमिका में हैं। हरियाणा के सोनीपत जिले के सेक्टर 12 निवासी सौम्या इसकी बेमिसाल मिसाल हैं।

सौम्या को बीएसएफ में हरियाणा की पहली और देश की तीसरी महिला असिस्टेंट कमांडेंट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। बचपन से ही फौज में जाने की आकांक्षी इस लाडली ने वर्ष 2016 में मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में बीटेक और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी थी। वह पहले ही प्रयास में यह सफल हुईं और ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में प्रशिक्षण के लिए गईं। बीते बुधवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में सौम्या को स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से भी सम्मानित किया गया।

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