एजुकेशन / जॉब्स

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रमेश गुप्ता

भिलाई। दुर्ग के कोचिंग सेंटर के संचालकों द्वारा छत्तीसगढ़ एजुकेशनल कोचिंग एसोशिएशन बैनर तले  आज एक सराहनीय पहल शुरू की गई। जिसके तहत प्रदेश के पुलिसकर्मियों के बच्चों को कोचिंग में पढ़ने पर कोचिंग फीस में 25 प्रतिशत की छूट दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।

एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल द्वारा इस आशय के संकल्प पत्र एडीजी (दुर्ग रेंज) हिमांशु गुप्ता, एसपी दुर्ग प्रखर पाण्डेय एवं एडिशनल एसपी रोहित झा को सौंपे गए। बताया जाता है कि छूट का ऐलान करने के बाद सबसे पहले जेवरा सिरसा थाने में पदस्थ आरक्षक की बेटी को पहला लाभ भी मिल गया है। पुलिसकर्मियों के लिए यह छूट देने से उनके बच्चे शिक्षा में विशेष रूचि लेंगे और मन लगाकर पढ़ाई करेंगे।

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संतोष ठाकुर

सुकमा। एक ऐसा गांव, जिसने सलवाजुडूम के दौरान सर्वाधिक हिंसा का दंश झेला। एक ऐसा दंश जिसने जगरगुण्डा ही नहीं बल्कि इसके आसपास के चौदह गांवों की एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित कर दिया। यह घटना है सुकमा जिले का घोर नक्सल प्रभावित गाँव जगरगुण्डा की। जहाँ 13 साल पहले स्कूल को नक्सलियों ने तहस नहस कर दिया था।

जगरगुण्डा की पिछले तेरह साल की कहानी किसी हॉरर फिल्म की कहानी से कम नहीं है। जब सलवा जुडूम आन्दोलन शुरू हुआ तो नक्सलियों ने इस मुहिम से जुड़े अनेक ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी और जो बच गए थे, उन्हें गांव छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। वहीं जगरगुण्डा आश्रम और शालाओं के एक बड़े कैंपस को तहस-नहस कर दिया। आज भी स्कूलों की खंडहर दीवारों पर सलवाजुडूम विरोधी नारे और जुडुम समर्थकों को चेतावनी लिखी है। जब स्कूल भवन तोड़ दिए गए तो बच्चे मजबूरी में 55 किलोमीटर दूर दोरनापाल के आश्रम में पढ़ने चले गए। लेकिन अब यहां की आबोहवा बदल रही है। जून माह में उन स्कूल भवनों का पुननिर्माण कर दिया गया, जिसे आज से 13 साल पहले नक्सलियों ने ध्वस्त कर दिया था। 

24 जून से यहां प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक बच्चों का प्रवेश प्रारंभ हो गया है। लगभग 80 बच्चों ने प्रवेश ले लिया है। यानी तेरह साल के अंधरे के बाद शिक्षा की लौ फिर जल उठी है। यहां स्कूल फिर खुल जाने के बाद दोरनापाल में पढ़ रहे बच्चों को वापस लाया जा रहा है। अब तक पहली से बारहवीं तक 80 बच्चे प्रवेश ले चुके है।

कक्षा छठवीं के तेलम हड़मा और कुमारी वर्षा जगरगुण्डा में स्कूल नहीं होने के कारण पहली से दोरनापाल के आश्रम में रहकर पढ़ाई करनी पड़ी। इन्हें भी दूसरे बच्चों की तरह दोरनापाल से जगरगुण्डा शिफ्ट किया गया है। दोनों अपने गांव आकर खुश हैं। तेलम हड्मा ने बताया कि वह बड़ा होकर टीचर बनना चाहता है, जबकि कुमारी वर्षा डॉक्टर बनना चाहती है।

गांव में उत्साह का माहौल

जगरगुण्डा में खंडर हो चुके भवन फिर से खड़े हो गए हैं। रंगरोगन के साथ शिक्षा का मंदिर फिर तैयार हो चुका है। बच्चों के शोरगुल से परिसर गुंजायमान हो रहा है, तो गांव के लोग भी खुश हैं। बलराम मांझी ने बताया कि सब कुछ तबाह हो गया था। अब स्कूल खुल जाने से गांव की रौनक फिर लौट गई है। दुर्जन सिंह नाग ने बताया कि गांव के सभी लोग खुश हैं। गांव के बच्चे अब गांव में ही पढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि गांव में स्कूल नहीं होने के कारण मेरे बच्चे भी दोरनापाल में पढ़े हैं। बड़ा बेटा कॉलेज में पहुंच गया है। छोटी बेटी प्रतिभा इस साल दोरनापाल से पांचवी पास की है।

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रमेश गुप्ता

दुर्ग। पुलिस विभाग ने पुलिस परिवार के बच्चों के लिए आज रविवार को एक दिवसीय कैरियर कॉउंसलिंग वर्कशॉप लगाई। इस दौरान दुर्ग आईजी के अनुरोध पर भिलाई के कोचिंग संस्थानों ने पुलिस कर्मियों के बच्चों को कोचिंग फीस में न्यूनतम 25% के डिस्काउंट की घोषणा की है।

इस वर्कशॉप में विशेषज्ञों द्वारा कैरियर कॉउंसलिंग की गई और पुलिस परिवार के बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इस कार्यक्रम में दुर्ग आईजी हिमांशु गुप्ता, राजनांदगांव डीआईजी रतन लाल डांगी और दुर्ग एसपी प्रखर पांडेय ने मोटिवेशनल संबोधन दिया।

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संतोष ठाकुर
जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से एनएमडीसी के चेयरमैन, सह प्रबंध संचालक एन बैजेन्द्र कुमार से मुलाकात की थी। इस दौरान चेयरमैन ने एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप C और ग्रुप D की भर्ती की परीक्षा अब दंतेवाड़ा में कराने के निर्देश दिए है।

इसके अलावा नगरनार स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद के बजाय नगरनार में स्थापित करने का भी फैसला लिया गया जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि एनएमडीसी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय युवाओ को अपनी कंपनी में मौका दे और भर्ती परीक्षा स्थानीय स्तर पर कराए, ताकि ज्यादा से ज्यादा बस्तर के युवा इसमें शामिल हो सकें। मुख्यमंत्री के इस सलाह पर अमल करते हुए एन एम डी सी के चेयरमैन एन बैजेंद्र कुमार ने नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया भविष्‍य में दंतेवाड़ा में कराने के निर्देश दिए है।

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