एजुकेशन / जॉब्स

छत्तीसगढ़

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रायपुर  पुलिस विभाग ने टीआई और एसआई की तबादले की सूची जारी की है। 28 टीआई और 20 एसआई का तबादला कर दिया गया है। सूची में रायपुर, राजनांदगांव, सरगुजा समेंत कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है।

देखिये लिस्ट :-

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नियमितीकरण के लिए 1 साल का समय और लगने की बात कहने से सभी कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। मुख्यमंत्री के एक साल बाद नियमितीकरण के आश्वासन से नाखुश अनियमित अधिकारी-कर्मचारियों महासंघ 24 फरवरी को विशाल रैली और मुख्यमंत्री निवास घेराव करने वाली है। इस रैली को अब नियमित कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिल गया है।

विभिन्न अनियमित कर्मचारी संगठनो के समर्थन मिलने से उम्मीद की जा रही है कि कार्यक्रम में 40 हज़ार से अधिक की संख्या में लोग आयेंगे और अपनी मांगों को सरकार के सामने रखेंगे। महासंघ के प्रदेश महासचिव कमलेश सिन्हा ने बताया कि 24 फरवरी के कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ,  मंत्रालयीन कर्मचारी संघ, संचालनालयीन कर्मचारी संघ, शासकीय संयुक्त कर्मचारी संघ का समर्थन प्राप्त हुआ है। इसके अलावा 25 विभिन्न अनियमित कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है।

गौरतलब है कि काँग्रेस के वचन पत्र में छंटनी नहीं किये जाने का उल्लेख किया गया था लेकिन शासकीय विभागों, निगम, मंडलो व प्राधिकरणों में छंटनी लगातार जारी है और शासन ने नये विज्ञापन जारी कर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महासंघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बजरंग मिश्रा, प्रवक्ता ग्वालाराम यादव, शैलेन्द्र चंद्राकर, अरुण वैष्णव, कमलेश साहू ने बताया कि महासंघ में चतुर्थ वर्ग कर्मचारी से लेकर प्रथम श्रेणी के अनियमित कर्मचारी शामिल हैं, जो कई वर्षों से विभिन्न शासकीय कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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By संतोष साहू

जगदलपुर। शहर के दीप्ति कान्वेंट स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों से प्रवेश पत्र के एवज में 1000 रूपये की अवैध वसूली की शिकायत आ रही है। इसी आधार पर एबीवीपी ने स्‍कूल की प्रिंसिपल से मुलाकात करके रुपए वापस करने कहा। रुपए वापस न करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश सह मंत्री एवं जिला संयोजक बस्तर पुशान्त रॉय, नगर मंत्री मयंक नत्थानी, अनिमेष सिंह चौहान, अतुल राव, शुभम बघेल, आदित्य शर्मा उपस्थित थे।

इस मामले में प्रिंसिपल सिस्‍टर सौम्‍या का कहना है कि सीबीएसई के नियम के अनुसार जिन बच्चों का 75% से कम उपस्थिति रहती है। उन्हें बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होती है। बच्चों से लिए गए हजार रुपये उनके ऊपर दबाव बनाने के लिए थे। जो बाद में वापस कर दिया जाएंगे। कुछ लोगों को वापस भी किए जा चुके हैं। जिला शिक्षा अधिकारी हेमराम सोम कहते हैं, कि उपस्थिति कम होने पर परीक्षा में बैठने की पात्रता न होना एक अलग बात है, लेकिन दबाव बनाने के लिए रुपए लेने का कोई नियम नहीं है। यह पूरी तरह गलत है। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी ने यह नहीं बताया कि इस गलती के लिए स्‍कूल प्रबंधन के खिलाफ क्‍या कार्रवाई होगी।

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By पुनेश यादव

कांकेर। कोयलीबेड़ा ब्लॉक के सरकारी स्कूलों के भवन की स्थिति जर्जर है, इनमें सुविधाओं का अभाव हैं। दीवारों में दरारें और सीलन वाली छतों के बीच बच्चे बैठकर पढ़ाई करते हैं। यह स्थिति है कन्हारगांव प्राइमरी स्कूल की, जहाँ छतों से बरसात में पानी टपकना आम बात हैं। खस्ताहाल भवन में बच्चे डर-डरकर पढ़ाई करते हैं कि कहीं कोई हादसा न हो जाए लेकिन शिक्षा विभाग और ग्राम पंचायत को इस बात की कोई चिंता नहीं हैं।

बच्चे ऐसी छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण स्कूलों की ऐसी स्थिति बनी हुई हैं। भवनों की छत से निकल रहा छड़ साफ दिखाई दे रहा है। स्कूलों की दीवार पूरी तरह से जर्जर होकर गिरने की कगार पर है। अभिभावक न सिर्फ स्कूलों में सुविधाओं के अभाव के चलते परेशान हैं, बल्कि भवनों की खस्ता हालत ने भी उन्हें चिंता में डाल दिया हैं। सुदूर इलाकों के स्कूल भवनों को देखकर ही उनकी हालत का अंदाजा लगाया जा सकता हैं। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा की चिंता ही नहीं है, बच्चे यदि डरे रहेंगे और सुविधाओं की कमी से ही जूझते रहेंगे तो पढ़ाई में उनका मन कैसे लगेगा।

शौचालयों का भी बुरा हाल

स्कूल में शौचालय की स्थिति भी सही नहीं है। शौचालय में ना तो दरवाजा है और न ही पानी की व्यवस्था है, जहाँ स्वच्छ भारत का ढिंढोरा पिटा जा रहा है और स्कूलों मे शौचालय उपयोग युक्त नहीं है। कन्हारगांव का प्रायमरी स्कूल मुख्य सड़क के पास है, जहाँ हमेशा गाड़ियों का आवागमन लगा रहता है। दुर्घटना होने का संभावना बनी रहती है इसके बावजूद आज तक बाउंड्रीवाल नहीं बना है। इसके अलावा स्कूल में बिजली का मीटर तो लगा दिया गया है लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है।

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By रमेश गुप्ता

भिलाई। छात्रों की परीक्षायें नजदीक है, सभी छात्र परीक्षाओं की तैयारी में जुट गये हैं। परिक्ष की घड़ी में कुछ छात्र अव्वल आते हैं तो कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जिन्हें आपेक्षित सफलता नहीं मिलती है। ऐसे में वे छात्र तनाव में आ जाते हैं, जिन्हें यदि समय पर काउंसलिंग या साथ नहीं मिलता हैं तो वो डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं और कई बार अनुचित कदम भी उठा लेते हैं। जिससे परिवार पर पहाड़ टूटने जैसी स्थिति पैदा हो जाती हैं। उनके मार्गदर्शन और उनके हौसलाअफजाई के लिए दुर्ग रेंज आईजी रतन लाल डांगी ने एक पत्र जारी किया है

पत्र में आईजी ने कहा है कि- ‘आपका जन्म ही सफलता के लिए हुआ हैं। सफलता आपका अधिकार हैं बस उस अधिकार को पाने के लिए कुछ करने की, अपने आत्मविश्वास को जगाने की जरुरत हैं।’ इसके अलावा उन्होंने परीक्षा के समय में अभिभावकों व शिक्षकों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी है। आईजी ने कहा कि स्टडी के लिए का सही प्लान कीजिये तभी सफलता हाथ लगेगी, इसके अलावा उन्होंने परीक्षा के समय खाने पीने की चीज पर भी ध्यान देने को कहा है।इसके अलावा उन्होंने चिड़चिड़ापन, कम खाना, कम नींद की और सिर दर्द व माइग्रेन की शिकायत पर ध्यान देने की बात भी कही है 

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