By रमेश गुप्‍ता

भिलाई। ट्रांसपोर्टर सूरत सिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने एक पुलिस आरक्षक को गिरफ़्तार किया है। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हत्यारा अपनी पत्नी पर शक करता था कि मृतक और उसका संबंध है। इसी वजह से वह दिन रात परेशान रहता था। इस परेशानी की वजह से उसने सूरज की हत्या की साजिद रची थी।

आईजी रतनलाल डांगी एसपी प्रखर पांडे ने पत्रकारों को बताया कि 29 जनवरी को खुर्सीपार निवासी सूरत सिंह की उसी का दोस्त रामप्रसाद यादव जो कि पुलिस आरक्षक है, ने घर जाकर पीछे से हथौड़ी से मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया। हत्या करने के बाद आरोपी ने बड़े ही सफाई के साथ हत्या करने के बाद खून को साफ कर  मृतक का मोबाइल एवं हथियार को गायब कर दिया था।

आरोपी रामप्रसाद यादव ने पुलिस को बताया कि उसने मरोदा डैम में हत्या के लिए उपयोग किया गया हथौड़ी को फेंक दिया है। आईजी ने बताया कि इस प्रकरण को सुलझाने के लिए 90 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की टीम गठित की गई थी। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े 132 लोगों से पुलिस पूछताछ की गई।

मृतक के घर के आसपास रहने वाले घर कार्य करने वाले 73 महिला एवं पुरुष से पूछताछ की गई एवं सीसीटीवी फुटेजों को भी ख्याल आ गया। तब जाकर इस हत्या पर से पर्दा उठाया आयोजित पत्रकार वार्ता में एडिशनल एसपी जीसी मेश्राम, सीएसपी प्रवीण चंद तिवारी, अजीत यादव ,श्याम सुंदर शर्मा, राजीव शर्मा उपस्थित थे।