जुर्म डेस्क। बिहार के सुपौल जिले के छातापुर में पुलिसकर्मियों का ग्रामीणों पर रौब दिखाना भारी पड़ गया। दबंगई से नाराज होकर लोग पुलिसकर्मियों से ही भिड़ गये और पुलिसगिरी दिखा रहे दारोगा की जमकर पिटाई कर दी। पुलिसवालों ने भीड़ के गुस्से से दारोगा को बचा लिया और फिर घर में घुसकर लोगों की जमकर पिटाई की, जिसमें ग्रामीणों में तीन लोग घायल हो गए जिसमें एक महिला भी शामिल हैं।

मिली जानकारी अनुसार मुख्यालय स्थित चुन्नी मोड़ के समीप सोमवार देर संध्या एक बाइक सवार ने स्थानीय एक किशोरी को चक्कर मार दी थी। इसमें वह घायल हो गई। उसे तत्काल पीएचसी लाया गया। इस बीच पीड़िता के परिजनों ने बाइक को अपने कब्जे में ले लिया।

इस बीच रात्रि गश्ती से लौट रही पुलिस की टीम ने आरोपी बाइक चालक को हिरासत में ले लिया। पीड़िता को बेहतर चिकित्सा के लिए बाहर रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार पीड़िता के परिजन व बाइक चालक के लोगों के बीच समझौते की बात चलती रही थी। इस कारण पुलिस को घटना के बाबत कोई आवेदन नहीं दिया गया।

पीड़ित पक्ष की ओर से कोई आवेदन न मिलने के कारण पुलिस ने बाइक सवार को छोड़ दिया। पुलिस जब बाइक को लेने पहुंची तो पीड़िता के परिजन पुलिस से ही उलझ बैठे। स्थिति बिगड़ती चली गई। घटना के उपरांत ग्रामीणों ने एसएच को चुन्नी मोड के समीप जाम कर दिया। दुर्गा पूजा के विजयादशमी का त्योहार होने की वजह से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होने लगी, जिसके बाद पुलिस बल के जवानों के साथ थानाध्यक्ष स्वयं महिला पुलिस के जवानों को लेकर जाम हटाने पहुंचे। परंतु पीड़ित व पुलिस के बीच फिर मामला उलझ गया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर जमकर लाठियां भांजी, जिसमें स्थानीय तीन लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना में जख्मी दो पुरुष सहित एक महिला को इलाज के लिए पीएचसी लाया गया जिन्हें बेहतर चिकित्सा हेतु अन्यत्र ले जाया गया है। घटना से आक्रोशित लोगों ने एसएच को पुनः ब्लॉक चौक के समीप जाम कर उग्र प्रदर्शन कर थानाध्यक्ष सहित दोषी पुलिस पर कार्रवाई की मांग करने लगे।

सूचना पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार सिंह तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गणपति ठाकुर, लोक निवारण पदाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।