रायपुर। वर्तमान में हम सोशल मीडिया के उपयोग से भली-भांति परिचित हैं। सोशल मीडिया पर हमारी निर्भरता दिन-ब-दिन बढ़ रही है। आये दिन इसके दुरूपयोग और साइबर क्राइम के मामले सामने भी सामने आ रहे हैं, लेकिन इसी बीच एक वायरल सन्देश ने बिछड़ चुकी दो बहनों को उनके परिवार से मिलवा दिला। सोशल मीडिया के गलत इस्‍तेमाल की खबरों के बीच यह खबर मन को सुकून देता है।

यह घटना है ठाणे की, जहाँ अनजाने में गलत ट्रेन पकड़ महाराष्ट्र पहुंची उत्तर प्रदेश की दो नाबालिग बहनें आखिरकार अपने माता-पिता से मिलीं। व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर होने वाले सन्देश की वजह से यह मुमकिन हो पाया। पुलिस के मुताबिक दोनों बहनों में से 17 वर्षीय किशोरी मानसिक रूप से अक्षम है और दूसरी बच्ची चार वर्ष की है। दोनों उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली हैं।



पुलिस उपायुक्त (अपराध) दीपक देवराज ने बताया कि पिछले महीने दोनों निकटवर्ती चन्दौली जिला स्थित अपनी एक रिश्तेदार के यहां आईं थी। वापस जाते समय लड़कियां गाजीपुर की ट्रेन में चढ़ने की बजाय मुम्बई जाने वाली ट्रेन में चढ़ गई थीं। भोजपुरी भाषा बोलने वाली लड़कियां 15 जनवरी को ठाणे रेलवे स्टेशन पर मिली थीं, लेकिन वे अपने घर का पता नहीं बता पा रही थीं।

देवराज ने बताया कि पुलिस ने लड़कियों को हिरासत में लेकर उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया। इसके बाद बड़ी बहन को इलाज के लिए 'ठाणे मेंटल हॉस्पिटल' में भर्ती करा दिया गया और छोटी बहन को डोंबिवली स्थित एक अनाथालय भेज दिया गया। अदालत ने ठाणे पुलिस को उनके माता-पिता की तलाश करने का आदेश भी दिया था।