By वाहिद खान

 



जशपुर/मनोरा। जिला मुख्यालय के करीबी विकासखंड मनोरा के कुछ ग्राम पंचायतों की हालत ऐसी है कि वहां स्वच्छ भारत मिशन की पोल खुलकर सामने आ रही है। ग्राम पंचायत को ओडीएफ का दर्जा देकर जनपद के साथ ही जिला स्तर का अवार्ड भले ही ले लिया गया हो] लेकिन सच्चाई यह है कि जिस ग्राम पंचायत को अवार्ड मिला,  वहां अब तक शौचालय को पूरी तरह से निर्माण ही नहीं कराया गया है। ग्राम पंचायत के आश्रित ग्रामों की पड़ताल किए जाने के बाद यह हकीकत सामने आई है। मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत हर्री में आज तक शौचालय पूर्ण नही हुआ है। ग्रामीण परेशान हैं।

उनका कहना है कि हम लोग सरपंच को बोल-बोल कर थक चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच राजेश कुजूर के कहने पर जैसे-तैसे शौचालय बना दिया गया है। अधूरे शौचालयों को लेकर ग्रामीणों में बहुत ज्यादा आक्रोश है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरपंच और बेंजा मिंज दोनों ने मिलकर शौचालय को पूर्ण बताकर ग्राम पंचायत को ओडीएफ घोषित करा दिया।

इन्होंने सामने लाया मामला

हर्री के ग्रामीण अगथा तिग्गा, दोरीतिया कुजुर, बुधियारो, भक्ति प्रसाद मिंज, प्रकाश मिंज, राम कुमार भगत, प्रदीप खेस, संजीत राम, पासकल तिर्की ने मामले को सामने लाते हुए कहा कि आज तक शौचालय नही बनवाया गया और सरपंच राजेश कुजूर और बेंजा मिंज दोनों मिलकर बनवाने का अस्वासन दिया गया फिर भी आजतक नही बना है।

सरपंच राजेश कुजूर का कहना है कि जहां शौचालय अधूरा है उसका निर्माण करा दिया जाएगा। जबकि जनपद पंचायत के सीईओ एके तिवारी ने कहा है कि जाँच कमेटी बनाकर जाँच कराता हूँ और ग़लत पाए जाने पर कार्यवाही भी होगी।