नई दिल्ली।  मुकेश अंबानी की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने बुधवार को अपने उपभोक्‍ताओं तगड़ा झटका दिया है। कंपनी ने अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग के प्लान को खत्म कर दिया है। अब उपभोक्‍ताओं से वॉयस कॉल के लिए 6 पैसा प्रति मिनट की दर से शुल्‍क देने होंगे। जियो नेटवर्क से अन्‍य नेटवर्क पर किए जाने वाले कॉल के लिए यह शुल्‍क लागू होगा। जियो ने कहा है कि वह वॉयस कॉल शुल्‍क की भरपाई उतने ही कीमत का मुफ्त डाटा देकर करेगी।

कॉल टर्मिनेशन चार्ज को खत्‍म किए जाने को लेकर ट्राई की समीक्षा में हो रही देरी के बीच टर्मिनेशन शुल्क लेने के लिए रिलायंस जियो (Jio) को बाध्य किया जा रहा है। जियो नेटवर्क से अन्य ऑपरेटरों के नेटवर्क पर किए गए कॉल पर 6 पैसा प्रति मिनट इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC) का भुगतान करना होगा। जियो ने कहा है कि वह 6 पैसा प्रति मिनट का चार्ज ग्राहकों से वसूलेगा लेकिन इसके बदले में इतना ही फ्री डेटा देगा। आईयूसी एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाली रकम है। 

अभी तक जियो नेटवर्क पर वॉयस कॉल फ्री थी इस वजह से जियो को अपनी प्रतिस्‍पर्धी कंपनियों जैसे भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को 13,500 करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ा है। ट्राई के इस कदम से होने वाले नुकसान से बचने के लिए जियो ने अन्‍य नेटवर्क पर किए जाने वाले प्रत्‍येक कॉल के लिए 6 पैसा प्रति मिनट की दर से शुल्‍क वसूलने का निर्णय लिया है।

बुधवार से जियो उपभोक्‍ताओं द्वारा किए जाने वाले सभी रिचार्ज पर अन्‍य मोबाइल नेटवर्क पर किए जाने वाले कॉल के लिए 6 पैसा प्रति मिनट की दर से शुल्‍क देय होगा और यह शुल्‍क तब तक जारी रहेगा जब तक ट्राई आईयूसी शुल्‍क को खत्‍म नहीं कर देता।

जियो ने कहा है कि वह उपभोक्‍ता द्वारा उपयोग किए गए आईयूसी टॉप-अप वाउचर की कीमत के बराबर का अतिरक्ति डाटा मुफ्त में उपलब्‍ध कराकर इसकी भरपाई करेगी। जियो ने कहा कि पिछले तीन सालों में उसने अन्‍य मोबाइल ऑपरेटर्स जैसे एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया को लगभग 13,500 करोड़ रुपए का आईयूसी शुल्‍क के रूप में भुगतान किया है।

यहां नहीं लगेगा चार्ज
- जियो से जियो कॉल पर 
- सभी इनकमिंग कॉल्स पर
- जियो से लैंडलाइन कॉल पर 
-  व्हाट्सएप या फेसटाइम और इसी तरह के प्लेटफॉर्म का उपयोग करके की गई कॉल।

क्या है आईयूसी
जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को करना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं।