नई दिल्ली. शार्दुल ठाकुर ने कई बार यह साबित किया है कि वो सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी टीम इंडिया के लिए उपयोगी हैं. इसका सबूत है शार्दुल के टेस्ट के तीन अर्धशतक है. यह तीनों पारियां शार्दुल ने ऐसे मौके पर खेली हैं, जब टीम इंडिया वाकई बेहद मुश्किल में थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी पहली टेस्ट फिफ्टी शायद की कोई भारतीय फैन भूला होगा. शार्दुल ने पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ब्रिसबेन टेस्ट में अपना पहला अर्धशतक जड़ा था. तब इस ऑलराउंडर ने टेस्ट की पहली पारी में वॉशिंगटन सुंदर के साथ अहम पार्टनरशिप की थी और अंत में यह साझेदारी टीम इंडिया की जीत की वजह बनी.

इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के पिछले दौरे पर भी ओवल टेस्ट की दोनों पारियों में फिफ्टी जड़कर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. हालांकि, कई बार ऐसा भी हुआ है, जब शार्दुल की बल्लेबाजी से टीम इंडिया के खिलाड़ी ही भड़क गए. ऐसा उसी गाबा टेस्ट में हुआ हुआ था, जिसकी पहली पारी में शार्दुल ने पहला टेस्ट अर्धशतक जड़ा था. अजिंक्य रहाणे उस टेस्ट में भारतीय कप्तान थे. उन्होंने ‘बंदों में था दम’ नाम की डॉक्यूमेंट्री में इससे जुड़ी कहानी सुनाई है.

अजिंक्य रहाणे ने डॉक्यू-सीरीज ‘बंदों में था दम’ की स्ट्रीमिंग के दौरान वूट पर कहा, “ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट में हमें 328 रन का टारगेट मिला था. इस लक्ष्य का पीछा करते हुए हमने मयंक अग्रवाल और वॉशिंगटन सुंदर के विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए थे. इसके बाद ऋषभ पंत का साथ निभाने के लिए शार्दुल ठाकुर क्रीज पर आए. तब भारत को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे. जब शार्दुल बैटिंग के लिए जा रहे थे, तब रोहित ने उनसे कहा कि आपके पास हीरो बनने का अच्छा मौका है. शार्दुल बस, सिर हिलाकर बल्लेबाजी के लिए चला गया था.”

शार्दुल ने शायद धोनी के छक्के को ज़हन में बैठा रखा था: अश्विन

जिस वक्त यह वाकया घटा, उस समय आर अश्विन भी वहीं बैठे थे. उन्होंने इस घटना को याद करते हुए कहा, “जैसे ही शार्दुल बल्लेबाजी के लिए जाने वाले थे, रोहित ने उनसे कहा,” शार्दुल, आप मैच खत्म करने की लौटना. उन्होंने ठीक यही कहा, मैं शार्दुल को अच्छे से समझता हूं. मुझे लगता है कि उन्होंने 2011 के विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी का छक्का और रवि शास्त्री की कॉमेंट्री को शायद जहन में बैठा रखा था. वो फिल्म, वो किताब, वो सारा लम्हा उनके दिमाग में था. इसलिए शार्दुल ने भी बाउंड्री से मैच खत्म करने की कोशिश में बड़ा शॉट खेला. लेकिन, गेंद शॉर्ट स्क्वेयर लेग की तरफ गई और वो कैच आउट हो गए और ड्रेसिंग रूम में बैठे सभी लोग यही कह रहे थे कि शार्दुल यह क्या कर दिया?”

शार्दुल के आउट होने से भड़क गए थे रोहित

शार्दुल के इस तरह विकेट गंवाने से रोहित भड़क गए थे. रहाणे ने उस लम्हे को याद करते हुए बताया, “रोहित मेरे बगल में बैठे थे और शार्दुल के जीत के करीब पहुंचकर इस तरह के शॉट मारने से उनका गुस्सा फूट पड़ा था. मुझे याद है, तब रोहित ने कहा था कि बस मैच खत्म हो जाने दो, हम एक बार जीत जाएं. मैं शार्दुल को सबक सिखाऊंगा.” तब मैंने रोहित से कहा था, “अभी के लिए भूल जाओ, एक बार मैच खत्म हो जाने के बाद हम इस पर बात कर लेंगे. अच्छी बात यह रही कि उस समय भारत को जीतने के लिए ज्यादा रन नहीं चाहिए थे.” शार्दुल के आउट होने के बाद अगली ही गेंद पर पंत ने चौका लगाकर भारत को न सिर्फ गाबा टेस्ट में जीत दिलाई थी, बल्कि सीरीज भी टीम इंडिया की झोली में आ गई थी.