रायपुर। छत्तीसगढ़ से चलने वाली ट्रेनों में अब GPS based RTIS (Realtime Train Information System)  लगाया जा रहा है। इसकी मदद से यात्रियों को ट्रेन की लोकेशन देखने में आसानी होगी।

दरअसल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की मरम्मत का काम विद्युत लोको शेड, भिलाई में किया जाता है। वर्तमान में विद्युत लोको शेड, भिलाई में कुल 274 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का अनुरक्षण किया जाता है, जिनमें से 41 WAP-7 Type के लोकोमोटिव हैं जो पैसेंजर ट्रेनों जैसे अमरकटंक एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस इत्यादि के परिचालन में प्रयुक्त होते हैं। हाल ही में विद्युत लोको शेड, भिलाई के द्वारा 28 WAP-7 लोकोमोटिव में GPS based RTIS (Realtime Train Information System)  लगाया गया है।

इसकी मदद से RTIS से वास्तविक समय में ट्रेन की सटीक स्थिति जिसे हम GPS Co-ordiantion कहते है उसका पता लगाया जा सकता है। यह यात्रियों के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि इस तकनीक का प्रयोग करके ट्रेन के लोकेशन दिखाने वाले ऐप जैसे कि NTES, Where is my train इत्यादि की सटिकता और भी बढ़ जाएगी और यात्री अपनी यात्रा की योजना और भी बेहतर ढंग से कर सकते हैं।

बता दें कि RTIS में एक जीपीएस एंटेना का प्रयोग किया जाता है, जो कि लोको की छत पर लगाया जाता है और इसका  प्रोसेसर यूनिट लोको की कैब में रहता है। इसको कार्यरत् करने के लिए 110V-AC सप्लाई की आवश्यकता होती है। जो कि लोको से लिया जाता है और satellite communication के द्वारा ट्रेन की स्थिति सर्वर तक पहुँचाई जाती है। RTIS लोको में CRIS नई दिल्ली की मदद से लागाया जा रहा है।