रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित मिनीमाता स्मृति दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में अनुसूचित जाति के लोगों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने की घोषणा की है।

सेन्सस इंडिया के द्वारा 2011 में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ की कुल 2 करोड़ 55 लाख की जनसंख्या का 12.82 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जाति के लोगों की है। इन आंकड़ो के जारी होने के 8 साल बाद 2019 में एक अंदाज के अनुसार छत्तीसगढ़ में 35 लाख से भी ज्यादा आबादी अनुसूचित जाति के लोगों की है। 

मतलब यह कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के निवासियों को उनकी जाति के आधार पर आरक्षण दिए जाने की घोषणा यहां निवास कर रही 35 लाख से ज्यादा की आबादी को प्रभावित करेगा। 

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति आयोग के द्वारा प्रकाशित जानकारी के अनुसार राज्य में 1.औधेलिया 2.बागरी, बागड़ी 3.बहना, बहाना 4. बलाही, बलाई 5.बांछड़ा 6.बराहर, बसोड़ 7.बरगूँडा 8.बसोर, बरूड़, बंसोर, बंसोड़ी, बांसफोर, बसार 9.बेडि़या 10.बेलदार, सुनकर 11.भंगी, मेहतर, बाल्मिकी, लालबेगी, धरकर 12.भानुमती 13.चडार 14.चमार, चमारी, बेरवा, भांबी, जाटव, मोची, रेगर, नोना, रोहीदास, रामनामी, सतनामी, सूर्यवंशी, सूर्यरामनामी, अहिरवार, चमार, मागन, रैदास 15.चिडार 16.चिकवा, चिकवी 17.चितार 18.दहैत, दहायत, दाहत 19.देवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किया गया है।