बस्तर संभाग

छत्तीसगढ़

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। जिला अधिवक्ता संघ द्वारा मंगलवार दोपहर अपर कलेक्टर को अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। अधिवक्ताओं ने बताया किे आज पूरे भारत के अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। अगर मांगें पूरी नहीं हुई, तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे।

संघ के पदाधिकारियों द्वारा 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 12 फरवरी को प्रधानमंत्री के नाम पर बने ज्ञापन को अपर कलेक्टर को सौपा गया है। संघ के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने बताया कि 2 फरवरी को भारतीय विधि की परिषद बैठक ली गई थी, जिसमें 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि जो 10 मांगे हैं, उनमें मुख्य रूप से अधिवक्ताओं एवं परिवार के लिए 20 लाख का बीमा, अधिवक्ताओं के लिए भारत व विदेशों के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा सुविधा हेतु स्पेशल कार्ड बनवाया जाए, शुरुआत में जुड़ने वाले अधिवक्ताओं को 5 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह रूपये दिया जाए, वृद्ध निर्धन अधिवक्ताओं के निधन पर 50 हजार रुपए प्रतिमाह फैमिली पेंशन दिया जाए, अधिवक्ता संघ हेतु भवन, निवास, बैठक व्यवस्था तथा लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध की जाए, महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग से शौचालय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। ब्याजमुक्त होम लोन, लाइब्रेरी लोन, वाहन लोन प्रदान किया जाए। सस्ते मूल्य पर गृह निर्माण की व्यवस्था, यदि किसी कारणवश जैसे दुर्घटना, हत्या या किसी बीमारी से 65 वर्ष के उम्र की आयु अधिवक्ता की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपए अनुदान राशि परिवार को दिया जाए।

छत्तीसगढ़

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। नगर पालिका निगम क्षेत्र अंतर्गत शहर के नया बस स्टैंड में सीआरपीएफ द्वारा नगर निगम की जमीन पर वर्षों पूर्व कैम्प लगाया गया है, जिससे नया बस स्टैंड में स्थान की कमी हो रही है। इसीलिए महापौर ने जमीन को सीआरपीएफ से जमीन वापस मांगी है।

ज्ञात हो कि जगदलपुर संभाग मुख्यालय होने से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगो का आना जाना होता है। साथ ही बस की पार्किग नही होने के कारण बसें व आटो बेतरतीब खड़े रहते हैं। जिससे आये दिन दुघर्टनाएं होती हैं और जाम भी लगा रहता है। प्रशासन को भी बस स्टैंड को व्यवस्थित करने में परेशानी हो रही है।

इसीलिए, महापौर जतिन जायसवाल ने इस पर प्रयास करते हुये नया बस स्टैंड में सीआरपीएफ द्वारा उपयोग की जा रही जमीन को नगर निगम को लौटाने के लिये कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बस्तर को पत्र भेजा है।

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। एसटी एससी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा रविवार को 8 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर बंद कर आव्हान किया गया। सुबह से ही बंद का असर दिखाई दे रहा था, लेकिन 11 बजे के बाद मार्केट में दुकानों का खुलना शुरू हो गया।

नगर बंद के संबंध में कार्यवाहक प्रांत अध्यक्ष वीपी शोरी ने बताया कि सदन में 124 वां सविधान संशोधन बिल पास होने के बाद कई प्रदेश सरकारों ने 50% आरक्षण की सीमा को समाप्त कर दिया। इसी परिप्रेक्ष्‍य में 8 मांगों को लेकर नगर बंद किया जा रहा है। साथ ही बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। 

एसटी -एससी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा रविवार को 8 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर बंद कर आव्हान किया गयाएसटी -एससी, ओबीसी संयुक्त मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा रविवार को 8 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर बंद कर आव्हान किया गया

8 मांगों में एससी, एसटी, ओबीसी अल्पसंख्यक के जनसंख्या अनुपात में प्रतिनिधित्व आरक्षण लागू किया जाए। छत्तीसगढ़ में पिछड़े वर्गो की आबादी 52% है, इसके लिए 14% आरक्षण का प्रावधान किया गया। छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग को मंडल कमीशन के आदेश अनुसार 27% आरक्षण दिया जाए। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 16% आरक्षण दिया जाए। 1 नवंबर 2004 से नवीन अंशदायी योजना को बंद कर पूर्व पद से लागू पेंशन योजना प्रारंभ किया जाए। केंद्र सरकार केंद्रीय विद्यालय में भर्ती के लिए एससी, एसटी, ओबीसी के लिए 13 पॉइंट का रोस्टर जारी किया, तो तत्काल समाप्त कर देना चाहिए। अनुसूचित जाति जनजाति के लिए ढाई लाख रुपए और ओबीसी वर्ग के लोगों के लिए 600000 आय की सीमा को समाप्त किया जाए। छत्तीसगढ़ शासन के अधीन कार्यरत शासकीय सेवकों के पदोन्नति में जनसंख्या के अनुपात में प्रदेश, जिला संभाग स्तर के पदों में वंचित है। हाईकोर्ट द्वारा एससी स्टी की पदोन्नति आरक्षण को समाप्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में एससी एसटी के साथ ओबीसी को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए कानून बनावे।

छत्तीसगढ़

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By पुनेश यादव

कांकेर। केन्द्रीय विद्यालय की बहुचर्चित घटना में चार साल बाद न्यायालय का फैसला आया है। जिसमें न्यायालय ने आरोपी चपरासी को आठ साल के बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दो हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है।

अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में दर्ज प्रकरण के अनुसार 20 अगस्त 2015 को केन्द्रीय विद्यालय में अध्ययनरत आठ वर्ष के बालक से अप्राकृतिक कृत्य किये जाने की घटना उजागर हुई थी। आरोपी चपरासी ने स्कूल परिसर में ही पीड़ित बालक को डरा धमकाकर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने चपरासी मोहपुर निवासी इन्द्रजीत ठाकुर पिता बुधारसिंह ठाकुर 35 वर्ष को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भादवि की धारा 377, 511, 506 बी तथा पाक्सो एक्ट के तहत जुर्म पंजीबद्ध कर आरोपी को दो दिनों बाद गिरफ्तार कर लिया जहां से न्यायालय में पेश किया गया।

न्यायालय में 24 लोगों के कथन लिये गये। गवाहों के कथन एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर विशेष न्यायाधीश एफटीसी प्रशांत शिवहरे ने आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए धारा 506 बी के तहत 7 वर्ष कारावास तथा 1 हजार रूपये अर्थदण्ड वहीं पाक्सो एक्ट की धारा के तहत आजीवन कारावास एवं 1 हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी। वहीं पीड़ित बालक को क्षतिपूर्ति राशि दिलाये जाने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सहायता राशि प्रदाय करने आदेशित किया। शासन की ओर से मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता संदीप श्रीवास्तव ने की।

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