बेमेतरा

वीमेन वर्ल्ड

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive

बेमेतरा। दुनिया भर में महिलाएं पुरुषो से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। इसी कड़ी में ई-रिक्शा चलाकर पुरूषों का वर्चस्व तोड़ने में कामयाब रही हैं, बेमेतरा की मुनिया, निर्मला, मंजू एवं प्रेमीन। इनका सपना साकार करने में मुख्यमंत्री ई-रिक्शा सहायता योजना ने इनकी मदद की है।

संसाधनों के अभाव में भी खुद को स्थापित करने का जज्बा रखने वालों को अंततः सफलता मिलती ही है, चाहे मार्ग में कितनी भी बाधाएं क्यों न आएं। इन महिलाओं ने इस कथन को सार्थक किया है। श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को 50 हजार रूपए तक अनुदान दिया जाता है। जरूरत है अपने अंदर छिपे हुनर को तराशकर उसे उपयोग में लाने की। बेमेतरा विकासखण्ड के ग्राम सिंघौरी में रहने वाली श्रीमती मुनिया साहू पर यह बात बिलकुल सटीक बैठती है। समाज की परम्पराओं और वर्जनाओं को तोड़कर तमाम नकारात्मक दायरों से बाहर आकर दोनों हाथों में ई-रिक्शा का हैण्डल थामे यात्रियों को लाने-ले जाने में उन्हीं की तरह निर्मला भी अपनी भूमिका निभा रही हैं, साथ ही परिवार के भरण-पोषण में अपने पति के साथ बराबर की सहभागी बन रही हैं। निर्मला वर्मा गुनरबोड़ में निवास करती है।

बेमेतरा के ग्राम सिंघौरी की मुनिया साहू पति स्व. जगदीश साहू मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती थी। मुनिया ने बताया कि आज से 5-6 वर्ष पूर्व कैंसर ने उनके पति की जिंदगी छीन ली, ऐसे में उनके समक्ष दुखों का पहाड़ आ पड़ा। मुनिया ने हिम्मत से काम लेते हुए बच्चों के लालन-पालन हेतु ई-रिक्शा चलाना सीखा, आज वह प्रतिदिन 400 से 500 रूपए तक कमाई कर लेती है। उनके परिवार में तीन बच्चों के अलावा सास भी है। श्रम विभाग से ई-रिक्शा मिलने के बाद महिला हितग्राही का जीवन स्तर ऊँचा हुआ है और महिला सशक्तिगरण में बेमेतरा जिले में मिसाल है। जिसको देखकर बहुत सारी महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से ई-रिक्शा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनी है।

एजुकेशन / जॉब्स

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive

बेमेतरा । कलेक्टर महादेव कावरे ने आज सवेरे बुधवार को बेमेतरा विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र के स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इनमें ग्राम पंडरभट्ठा एवं पेण्ड्रीतराई स्कूल शामिल है। इस दौरान कलेक्टर ने दोनों स्कूलों के बच्चों से पढ़ाई-लिखाई के संबंध में पूछताछ की। कलेक्टर ने मध्यान्ह भोजन में हरी सब्जी का उपयोग नहीं करने पर प्रधान पाठक को फटकार लगाई।

1963 में स्थापित पंडरभट्ठा के स्कूल में दर्ज संख्या 135 है। मिडिल स्कूल में दर्ज संख्या 148 है। ठंड के सीजन में नियमित रूप से बच्चों को हरी सब्जी खिलाई जाये। दोनों स्कूल में सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए जबकि पेण्ड्रीतराई के मिडिल स्कूल में प्रधान पाठक जीवनपुरी गोस्वामी उपस्थित मिले। दो अन्य शिक्षक रमेश साहू और सुमन देवांगन छुट्टी पर थे। मिडिल स्कूल में दर्ज संख्या 78 है, जबकि प्रायमरी में 70 दर्ज संख्या में केवल 53 विद्यार्थी ही उपस्थित थे। जिलाधीश ने पंडरभट्ठा के प्राइमरी स्कूल के छात्र तरूण एवं मनीष को गणित सही हल करने पर नगद राशि देकर सम्मानित किया। साथ ही कक्षा छठवीं के छात्र राहुल साहू को सवाल के जवाब देने पर नगद ईनाम से पुरस्कृत किया।

कलेक्टर कावरे शिक्षक की भूमिका अदा करते हुए ब्लैक बोर्ड पर गणित सवाल लिखकर छात्रों को हल करने को कहा। कलेक्टर ने शिक्षकों को समय पर ड्यूटी आने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों की पढ़ाई और उनके सर्वांगिण विकास में विशेष रूप से ध्यान दें। रिजल्ट खराब आने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

The Voices FB