छत्तीसगढ़

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। ऑनलाइन ठगी और एटीएम के जरिए अज्ञात लोगों द्वारा खाते से रूपए निकाल लेने या ट्रांसफर करा लेने जैसे अपराध की रोकथाम के लिए इन दिनों बस्‍तर पुलिस कवायद में जुटी हुई है। आम लोगों में इसके प्रति जागरुकता लाने की कोशिशें की जा रही है। कोतवाली थाना प्रभारी धनंजय सिन्हा ने अपील की है कि ऑनलाइन खरीदी हो या बैंक संबंधित किसी भी मामले में अपना पिन कोड, एटीएम नंबर और ओटीपी नंबर किसी को ना बताएं। मन में कुछ भी शंका होने पर तत्काल बैंक मैनेजर या हेल्पलाइन पर इसकी पूरी जानकारी लें।

कुछ माह पहले मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक को विदेश यात्रा के नाम पर 8 लाख से ऊपर की रकम ठगे जाने का मामला प्रकाश में आया था। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ा और रुपए बरामद कर चिकित्सक को दिया गया था।

पुलिस विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही अंदरूनी क्षेत्रों में भी ऑनलाइन ठगी के बारे में लोगों को बताया जाता है। इसके अलावा आजकल लोग ऑनलाइन से खरीदी भी करते हैं, जिसका फायदा ठग आसानी से उठाते हैं। वे लोग ऑनलाइन खरीदी करने वालों को कोई ना कोई परेशानी बताकर उनसे एटीएम नंबर के साथ ही पिन कोड आदि भी पूछकर ठगी करते हैं।

नक्सल

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By पुनेश यादव

कांकेर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर में माओवादियों ने सड़क निर्माण कार्य का विरोध करते हुए जेसीबी मशीन को आग लगाई है। कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के चिलपरस के पास पनीडोबीर गांव में रहने वाले आदिवासियों के लिए सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आज सुबह 6.30 बजे नक्सलियों ने जेसीबी मशीन में आग लगा दी और ड्राइवर का अपहरण कर अपने साथ जंगलों में ले गए हैं। कांकेर के पुलिस अधीक्षक कन्हैयालाल ध्रुव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य का विरोध किया है और जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया है। उन्होंने बताया कि माओवादी जेसीबी मशीन के ड्राइवर को अपने साथ ले गए हैं।

पुलिस ने आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले नक्सलियों की तलाश शुरू कर दी है। बता दें कि कांकेर का पनीडोबीर क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है और इस इलाके में आवागमन के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश के दिनों में जंगलों में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में विगत 3 दिनों से भर्ती एक महिला ने सोमवार की सुबह दम तोड़ दिया। परिजनों के बारे में जानकारी ना होने के कारण पुलिस ने शव को पीएम कक्ष में रखवा दिया है। परिजनों की तलाश जारी है। आसपास के थाना क्षेत्रों में भी महिला की फोटो भिजवाई गई है। जिससे उसके परिजनों के बारे में जानकारी मिल सके।

मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के अनुसार 16 फरवरी को 102 वाहन के द्वारा टियुसगुडा से एक बेहोश महिला को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। घटना के बाद से ही महिला के बेहोश होने के कारण उसके बारे में कोई भी जानकारी पुलिस नहीं जुटा सकी। 3 दिनों तक चले उपचार के बाद महिला ने सोमवार की सुबह दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि महिला के पैर में चोट के निशान देखे गए हैं। इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि महिला को चोट कैसे लगी थी। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।

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रायपुर । स्‍वाइन फ्लू से छत्‍तीसगढ़ में मौत की खबर है। इस मौत की खबर ने लोगों को इस वजह से भी डरा दिया है क्‍योंकि जिनकी मौत हुई वो खुद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में अधिकारी थे। जानकारी के मुताबिक स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के ज्‍वाइंट डायरेक्‍टर रहे महेंद्र जंघेल  की मौत हो गई।

स्‍वाइन फ्लू की वजह से इनकी तबीयत अचानक कुछ ज्‍यादा ही बिगड़ना बताया जा रहा है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की ही रिपोर्टिंग करने वाले कुछ पत्रकारों ने बताया कि प्रदेश में कुछ महीने से स्‍वाइन फ्लू को लेकर चर्चा भी इसे लेकर विभागीय अलर्ट जारी महेंद्र जंघेल  ने ही किया था। अब इस मौत से उनका पूरा परिवार और उन्‍हें जानने वाले सकते में हैं।

जानें क्‍या है स्‍वाइन फ्लू
यह एक संक्रमण बीमारी है जो इंसान से इंसान को लगती है. जब कोई स्वाइन फ्लू का मरीज छींकता है तो उसके आसपास 3 फीट की दूरी तक खड़े व्यक्तियों के शरीर में इस फ्लू का वायरस प्रवेश कर जाता है. अतः आप मरीज से कम से कम 6 फीट की दूरी बना कर रखें.

यदि कोई व्यक्ति अपने छींकते समय मुंह और नाक को हाथ से ढक लेता है तो फिर यदि वह जहां कहीं भी उस हाथ को लगाता है (दरवाजे, खिड़कियां, मेज, कीबोर्ड इत्यादि) वहां यह वायरस चिपक जाता है और फिर वहां से किसी अन्य व्यक्ति के हाथों पर लगकर शरीर में दाखिल हो जाता है.

आप इन निम्‍नलिखित बातों का ध्‍यान रख कर फ्लू को खुद से दूर रख सकते हैं:
1. छींकते समय टिश्यू पेपर से मुंह, नाक को ढकें और फिर उस पेपर को फौरन सावधानी से कचरे के डिब्बे में डाल दें.
2. अपने हाथों को लगातार साबुन से धोते रहें अपने घर, ऑफिस के दरवाजों के हैंडल, की-बोर्ड, मेज आदि साफ करते रहें यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दें तो घर से बाहर और दूसरों के नजदीक ना जाएं.
3. यदि आपको बुखार आई हो तो उसके ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें. 
4. लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन ना हो.
5. घर से बाहर निकल रहे हों तो फेसमास्क पहनकर ही निकलने की कोशिश करें.

स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर क्या करें? 
अपनी तबीयत पर गौर करें और यदि आपको बुखार लग रही हो, खांसी आ रही हो, गले में जलन हो रहा हो और सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो तत्काल अपने शहर के नजदीकी अस्पताल में जाकर इसकी जांच करवाएं.

स्‍वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू के लक्षण वैसे तो तो सामान्य जुकाम जैसे ही होते हैं.
1. इस दौरान 100.4°F तक की बुखार आती है.
2. भूख कम हो जाती है और नाक से पानी बहता है.
3. कुछ लोगों को गले में जलन, उल्टी और डायरिया भी हो जाता है.
जिस किसी को भी स्वाइन फ्लू होता है उसमें उपरोक्त लक्षण जरूर दिखाई देते हैं.

फ्लू और सामान्य सर्दी में भेद कैसे करें? 
जब सामान्य सर्दी लगती है तो वह जल्द ही ठीक भी हो जाती है लेकिन फ्लू होने पर वह जल्दी ठीक नहीं होता और उसका प्रभाव अधिक घातक होता है. शरीर में कमजोरी आ जाती है, भूख नहीं लगती और बुखार आती-जाती रहती है. सरदर्द होता है और गले में जलन भी.


क्‍या न करें
1. भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक जगहों पर न जाएं.
2. बिना मास्‍क पहने अस्‍पताल में दाखिल न हों.
3. अनजान लोगों से हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें.
4. खुली जगहों पर ना थूकें.
5. उन देशों का सफर ना करें, जहां स्वाइन फ्लू के मामले पाए गए हैं.
6. खांसते समय मुंह को ढंकना न भूलें.
7. खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद आंख, नाक और मुंह पर हाथ कतई न लगाएं. शरीर के ये हिस्से सबसे जल्दी फ्लू की चपेट में आते हैं.

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