मध्य प्रदेश

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इंदौर। नारकोटिक्स विंग इंदौर ने डेढ़ करोड़ रुपए कीमत का गांजा जब्त करते हुए 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर बड़वानी जिले से गांजा लाकर इंदौर में पुड़िया बनाकर बेचते थे। इन तस्करों के सबसे बड़े ग्राहक स्कूल और कॉलेज के छात्र हुआ करते थे। यही नहीं बल्कि गांजे के इस गंदे धंधे में इनके घरों की महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं।

नारकोटिक्स विंग के डीआईजी डॉ. महेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि नारकोटिक्स विंग को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपने ऑटो रिक्शा में किशनगंज थाना क्षेत्र के उमरिया गाँव से गांजा लेकर इंदौर जाता है। सूचना पर नारकोटिक्स विभाग की 2 टीम बनाई गई और ऑटो की मदद से ही उस ऑटो का पीछा किया गया। जैसे ही तस्कर गांजा लेकर निकला टीम ने उसे धरदबोच लिया। ऑटो रिक्शा की जाँच करने पर उसमे से 145 किलो गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अंतर राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए है।

साथी का नाम भी उगला

पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम पवन धीमान बताया है। साथ ही उसने कबूल किया है कि वह अपने साथ अजीत बोरासी के साथ मिलकर गांजा बेचने का काम करता है। उसके बताए अनुसार विभाग की टीम ने अजीत बोरासी को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने बताया कि ये लोग बड़वानी जिले के गाँव से बड़ी मात्रा में गांजा लाते हैं।

गांजे की पुड़िया बनाकर बेचना आसान

उसे शहर के बाहर के स्थानों पर रख देते हैं फिर वहां से इंदौर लाकर पुड़िया बनाकर बेचते हैं उनके सबसे अधिक ग्राहक स्कूल और कॉलेज के छात्र होते है। आरोपी पवन धीमान ऑटो चलाने के साथी ही गांजा भी बेचने का काम करता है। छात्रों को गांजा सप्लाई करने में महिलाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

निमाड़ क्षेत्र से लाया जाता है गांजा

इंदौर शहर में कई स्थानों पर मादक पदार्थ बेचने का काम किया जाता है। गांजे पर अधिक मुनाफा कमाने के लिए इसे अधिकतर स्थानों पर पुड़िया के तौर पर बेचा जाता है। अधिकतर गांजा निमाड़ क्षेत्र से लाया जाता है। ऐसे में विभाग को आवश्यकता है कि उन स्थानों पर भी नकेल कासी जाए, जहा से ये गांजा लाया जाता है।

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