ओडिशा

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भुवनेश्वर। उड़ीसा में मैट्रिक परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक बार फिर मैट्रिक परीक्षा का प्रश्नपत्र वायरल हो गया। इससे पहले परीक्षा के पहले 22 फरवरी को मातृभाषा का प्रश्नपत्र वायरल हो गया था। जबकि मंगलवार को अंग्रेजी का प्रश्नपत्र वायरल हुआ है। एक हफ्ते के अंदर इस तरह की दूसरी घटना से स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने पहले दिन की घटना से कोई सबक नहीं लिया है।इस मामले में कोरापुट के डीईओ ने बंधुगांव थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार सोमवार को बलांगीर जिला के संइतला इलाके में मैट्रिक के अंग्रेजी प्रश्नपत्र वायरल होने का मामला प्रकाश में आया है। यह प्रश्नपत्र उस समय वाट्स एप पर वायरल हुआ जब राज्य के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा चल रही थी। अंग्रेजी प्रश्नपत्र के सेट ‘ए’ का प्रश्नपत्र किसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हालांकि यह प्रश्नपत्र किस स्कूल से वायरल हुआ है, इसका पता नहीं चल सका। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष जाहान आरा बेगम ने कहा है कि असली प्रश्नपत्र के साथ मिलाने से यह स्पष्ट हो गया है कि अंग्रेजी का प्रश्नपत्र वायरल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कुछ लोगों की शरारत है।

गौरतलब है कि 22 फरवरी से मैट्रिक परीक्षा आरंभ हुई है। पहले दिन मातृभाषा की परीक्षा थी और परीक्षा के समय ही नुआपड़ा, ढेंकानाल एवं कोरापुट जिला में उसका प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। ऐसे में परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से एवं बिना नकल के स्वच्छ परीक्षा कराने का दंभ भर रहे बोर्ड अधिकारियों के होश उड़ गए थे। उस समय जनशिक्षा मंत्री बद्री नारायण पात्र ने अपनी प्रतिक्रिया में मातृभाषा के प्रश्नपत्र के वायरल होने की घटना को खारिज कर दिया था। लेकिन बाद में बोर्ड के अधिकारियों ने प्रश्नपत्र के वायरल होने की घटना को स्वीकार करने के साथ इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए नुआपड़ा, ढेंकानाल, कोरापुट के डीइओडब्लू को निर्देश दिया था। बोर्ड के निर्देशानुसार पुलिस ने मामला दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। अब एक बार फिर अंग्रेजी का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया में वायरल होने की घटना ने बोर्ड परीक्षा के सुचारू संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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भुवनेश्वर। ओडिशा में अलग-अलग जगह पर सरकारी आवासीय स्कूलों में रहने वाली दो छात्राओं सहित कुल तीन नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। इसमें से एक नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म भी दिया है।

पुलिस ने बताया कि ढेंकनाल, कालाहांडी और जाजपुर जिलों में ये घटनाएं सामने आई हैं और इससे एक सप्ताह पहले ही ओडिशा के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातीय विकास विभाग द्वारा संचालित एक आवासीय स्कूल की 14 वर्षीय छात्रा के कंधमाल जिले में स्थित हॉस्टल में एक बच्चे को जन्म देने की घटना सामने आई थी। नाबालिग ने 12 जनवरी को बच्चे को जन्म दिया था। जिसके बाद यह मामला प्रकाश में आया। दरअसल ढेंकनाल के आवासीय स्कूल के हेडमास्टर जनार्दन समाल ने सदर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 8वीं कक्षा की छात्रा गर्भवती पाई गई है।

वहीं ढेंकनाल के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी एस के करीम ने बताया कि हेडमास्टर की शिकायत के आधार पर 14 वर्षीय छात्रा के बयान दर्ज किए गए और जाजपुर जिले के कालियापानी के 15 वर्षीय एक लड़का को पकड़ा गया। वहीं इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कालाहांडी जिले में नरला क्षेत्र में नवोदय आवासीय स्कूल की कक्षा 9वीं की छात्रा के कथित तौर पर गर्भवती होने का मामला सामने आया है। फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।

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