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नई दिल्ली। स्मार्टफोन आज की जनरेशन का अभिन्न अंग बन गया है। इसकी उपयोगिता इतनी बढ़ गयी है कि छोटे बच्चों से लेकर बूढ़े भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। देश में स्मार्टफोन के मार्केट में सभी कंपनियों के बीच होड़ लगी हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार सैमसंग कंपनी 37,000 करोड़ रुपए की कमाई के साथ पहले स्थान पर है। देश के स्मार्टफोन मार्केट में 5 टॉप कंपनियों का 75% से ज्यादा शेयर रहा है। बाकी 25% में 88 स्मार्टफोन कंपनियां शामिल हैं।

पैनासोनिक और वीडियोकॉन भी इन्हीं में शामिल है। वित्त वर्ष 2017-18 में इन 88 कंपनियों का कुल रेवेन्यू 43,560 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2017-18 में श्याओमी ने 23,000 करोड़ का रेवेन्यू के साथ दूसरे तो ओप्पो 12,000 करोड़ के साथ तीसरे नम्बर पर रहा। इसके अलावा वीवो को 11,000 करोड़ रुपए की आय हुई।

मार्केट रिसर्च फर्म साइबर मीडिया के हेड इंडस्ट्री इंटेलीजेंस ग्रुप प्रभु राम का कहना है कि टॉप-5 ब्रांड के प्रति ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने से बाकी कंपनियों के लिए संभावनाएं कम हुई हैं। हालांकि, चीन की कंपनियों के पास फंड की कमी नहीं होने की वजह से भारत का बाजार उनके लिए आकर्षक बना रहेगा। साइबर मीडिया रिसर्च की एनालिस्ट इंडस्ट्री इंटेलीजेंस ग्रुप स्वाति कालिया के मुताबिक चीन की कंपनियां कंपीटीशन में बनी रहेंगी।

आईडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में भारत का स्मार्टफोन मार्केट 14.5% की दर से बढ़ा। पिछले साल कुल 14.23 करोड़ स्मार्टफोन बिके। पिछले साल श्याओमी का मार्केट शेयर सबसे ज्यादा 28.9% रहा। इस मामले में सैमसंग 22.4% के साथ दूसरे नंबर पर और वीवो 10% के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

छत्तीसगढ़

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रायपुर। कॅान्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक देश-एक व्यापारी-दस वोट राष्ट्रीय अभियान के तहत प्रदेश भर के व्यापारियों की बैठक आज रायपुर के वृंदावन हाल में संपन्न हुई। इस बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पूरे प्रदेश के व्यापारियों को एक वोट बैंक में तब्दील कर आगामी लोकसभा चुनावों में व्यापारियों की निर्णायक भूमिका को सुनिश्चित करने के लिए 5 फरवरी से प्रदेश भर में इस अभियान को चलाया जायेगा। इस मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी व्यापारियों को अपने वोट की ताकत को पहचानने एवं आगामी लोकसभा चुनावों में शत प्रतिशत मतदान हेतु, जागृत करने की रणनीति बनायी गई है।

इस बैठक के दौरान एक देश-एक व्यापारी-दस वोट अभियान के तहत बनायी गई रणनीति के अनुसार 5 फरवरी से पूरे प्रदेश भर के शहरों में स्थित बाजारों में इस अभियान की जानकारी देने के लिए एक रोड मार्च निकाला जायेगा। साथ ही इस अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए सभी शहरों एवं बाजारों में बैनर, पोस्टर भी लगाये जायेंगे। रथयात्रा के माध्यम से इस अभियान का संदेश, प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं तहसील तक पहुंचाया जायेगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जायेगा । 

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि प्रत्येक व्यापारी, व्यापारी का परिवार उसके व्यापार में कार्यरत कर्मचारी एवं उसका परिवार सहित औसतन दस वोट ऐसे हैं जिन्हें इस अभियान से जोड़कर व्यापारी ताकत की पहचान आगामी लोकसभा चुनावों में करायी जा सकती है। व्यापारी वर्ग समाज का एक महत्वपूर्ण अंग है एवं इसे उचित सम्मान मिलना चाहिए। अर्थव्यवस्था के रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले इस वर्ग को उचित लाभ मिलना चाहिए। प्रदेश में छः लाख और देश भर के सात करोड़ व्यापारियों के वोट सरकार के गठन में निर्णायक हैं ।  

कैट द्वारा आयोजित इस बैठक में भारी संख्या में व्यपारिक संगठन एवं व्यापारीगण शामिल हुये जिनमें अमर पारवानी, मगेलाल मालू, विक्रम सिंह देव, जितेन्द्र दोषी, पोहूमल जेठानी, अर्जुन दास ओचवानी,  राम मंधान, कैलाश खेमानी, अजय तनवानी, वासु माखीजा, पवन वाधवा, भरत जैन, राकेष ओचवानी, अमर गिदवानी, संजय जयसिंह नरेश गंगवानी सुरेंद्रर सिंह, विरेन्द्र सिंह वालिया, वासु माखीजा, आशिफ वैद, जयराम कुकरेजा, जितेन्द्र गोलछा, अमर दास खट्टर, जय नानवानी, रविन्द्र भसांली, विजय शर्मा, आषीष सोनी, जनक वाधवानी, राकेश अग्रवाल, सतीश श्रीवास्तव, रवि रंगलानी, राजू वासवानी समेत काफी संख्या में प्रदेश भर के व्यापारी उपस्थित थे। 

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