सीबीएसई 12वीं का अंग्रेजी पेपर नहीं दे पाया छात्र विकास, परिजनों ने लगाई गुहार लेकिन प्राचार्य एक भी नहीं सुनी बात

संतोष ठाकुर

जगदलपुर। केंद्रीय विद्यालय जगदलपुर में शनिवार को 12वीं सीबीएसई के पहली परीक्षा में एक छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गया। उसे सिर्फ इसलिए परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया क्‍योंकि वह 15 मिनट लेट से स्‍कूल पहुंचा। प्राचार्य ने नए नियम का हवाला देते हुए उसे बाहर कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही छात्र के परिजनों ने स्‍कूल पहुंचकर छात्र को परीक्षा में बैठाने की गुहार लगाई, इसके बाद भी प्राचार्य अपने फैसले पर अड़े रहे।

परीक्षा से वंचित छात्र विकास ने बताया कि वह आदेश्वर अकादमी में 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। शनिवार को अंग्रेजी की परीक्षा देने के लिए वह घर से निकला था। बीच रास्‍ते में वाहन खराब होने के कारण वह परीक्षा केंद्र 15 मिनट लेट पहुंचा। उसे स्‍कूल के क्‍लास में बनाए गए परीक्षा केंद्र में पहुंचते 5 मिनट और लग गए। 10.20 में स्‍कूल पहुंचने पर प्राचार्य ने उसे विलंब होने की बात कहते हुए परीक्षा में बैठने से मना कर दिया।

10 बजे तक कक्षा में बैठना अनिवार्य : प्राचार्य

प्राचार्य विकास गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष सीबीएसईबी ने नए नियम बनाए हैं। इसमें 10 बजे तक छात्रों को कक्षा में बैठना है। अगर लेट होता है तो उसे परीक्षा में बैठने से वंचित कर दिया जाता है। छात्रों को दी गए एडमिट कार्ड में भी इस बात को बताया गया है कि 10 बजे तक छात्रों को अपने कक्षा में बैठ जाना है।

डीईओ ने कहा- सीबीएसई के नियमों की जानकारी नहीं

जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम ने बताया कि अगर सीजी परीक्षा में कोई छात्र आधा घंटा विलंब से भी पहुंचता है तो उसे बैठने दे दिया जाएगा, लेकिन सीबीएसई के नियमों की जानकारी नहीं है। देखने के बाद ही उस पर कुछ बताया जा सकेगा।

विलंब के जिम्‍मेदार सिर्फ छात्र

जिले की कोऑर्डिनेटर मनीषा सिंह का कहना है कि बच्चों को जो एडमिट कार्ड दिया गया है, उसमें साफ तौर पर लिखा है कि बच्चों को नियम के तहत 10 बजे के पहले परीक्षा हॉल में पहुंचना है। अगर वह विलंब होते हैं तो इसके जिम्मेदार वे खुद होते हैं, उन्हें परीक्षा में बैठने से फिर वंचित कर दिया जाएगा।