रायपुर।  जीएसटी विभाग रायपुर आयुक्तालय जीएसटी की चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए जागरुकता अभियान चला रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जीएसटी की चोरी रोकना और केवाईसी दस्तावेजों के माध्यम से हो रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करना है।

इस संबंध में जानकारी देते हैं विभाग के प्रधान आयुक्त प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि जीएसटी के पंजीयन के लिए केवाईसी दस्तावेजों जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि की आवश्यकता होती है। हाल ही में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ अपराधियों ने दूसरे व्यक्तियों के केवाईसी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर जीएसटी विभाग में पंजीयन कर नकली फर्म बनायी और इन फर्म के जरिए से अंतर्राज्यीय स्तर पर नकली व्यापार दिखाकर करोड़ों रुपयों का कर चोरी किया है। इसके अलावा इन फर्जी फर्मो द्वारा बिल और इनवॉइस पर भी कई इंडस्ट्री और का करोड़ों रुपयों का फर्जी इनपुट क्रेडिट लेकर जीएसटी की चोरी भी की गई है।



इसके अलावा प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में मध्यप्रदेश में केंद्रीय जीएसटी विभाग इंदौर की टीम ने राज्य शासन के सहयोग से ऐसे ही लगभग 1100 करोड़ रुपए के टैक्स घोटाले का भंडाफोड़ किया है, जिसमें आरोपी जगदीश कनानी की गिरफ्तारी भी हुई है।

प्रमोद कुमार अग्रवाल, प्रधान आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी, रायपुरप्रमोद कुमार अग्रवाल, प्रधान आयुक्त, केंद्रीय जीएसटी, रायपुर

ऐसे फर्जीवाड़ा और जीएसटी की चोरी से बचने के लिए यह आवश्यक है कि आम जनता को जागरूक किया जाए। ऐसे मामलों में कम आय वाले व्यक्तियों के दस्तावेज इस्तेमाल कर बैंक में खाते खोले जाते हैं और फर्जी फर्म के माध्यम से करोड़ों रुपए का लेन-देन किया जाता है। इन परिस्थितियों में कानून की नजर में इन सबसे अनजान व्यक्ति गुनहगार साबित होता है और सजा का पात्र है। इसलिए रायपुर आयुक्तालय द्वारा चलाए जा रहे अभियान में आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि किसी भी परिस्थिति में अपने केवाईसी दस्तावेजों को किसी अन्य व्यक्तियों को इस्तेमाल करने के लिए ना दिया जाए।