राजनांदगांव/रायपुर। राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ ब्लॉक में एक छोटा सा गांव है बिजलदेही गांव। यह गांव इस दिनों प्रदेश ही नहीं ब्लकि इसके नाम गूंज की यूक्रेन में भी सुनाई दे रही है। जी हां.... ब्लाक के महिला पंचायत सचिव की बेटी विभा साहू का चयन यूक्रेन की राजधानी स्थित मेडिकल कालेज में MBBS की पढ़ाई के लिए चयन हुआ है। प्रदेश की बीटिया छह साल के MBBS की पढ़ाई करने के लिए बुधवार को यूक्रेन के लिए रवाना हो गई। विभा करमतरा गांव से पहली छात्रा होगी जो युक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करेगी।

विभा की माता संगीता साहू ब्लाक के कलकसा पंचायत में सचिव है। पिता पूर्णेन्द्र साहू ब्लॉक के बिजलदेही गांव में छोटा सा मेडिकल स्टोर चलाते हैं। बिना जमीन के सामान्य परिवार होने के बाद भी बेटी की डॉक्टर बनने की चाहत को लेकर माता-पिता ने बड़ा निर्णय लिया। अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए विभा ने दिन-रात पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया.

पंचायत सचिव संगीता साहू और पूर्णेंद्र साहू की पुत्री विभा की प्राथमिक शिक्षा ब्लॉक के करमतरा गांव में हुई। मिडिल और हाईस्कूल शिक्षा शहर के वेसलियन स्कूल तथा हायर सेकेंडरी डीपीएस से पूरी की। दसवीं बोर्ड में विभा ने 73 फीसदी अंक प्राप्त कर परिवार और गांव का गौरव बढ़ाया। विभा ने माता-पिता को इस दौरान मेडिकल की पढ़ाई करने रूचि दिखाई। खर्चे को लेकर पहले तो माता-पिता अवाक रहे लेकिन बेटी के निश्चय को दोनों ने किसी भी तरीके से पूरा करने की हिम्मत दिखाई। हायर सेकेंडरी की परीक्षा के बाद विभा ने दो माह का मेडिकल समर कोर्स किया। राजस्थान कोटा से भी मेडिकल करने का ऑफर परिवार ने ठुकरा दिया। कोर्स के दौरान विभा ने युक्रेन की राजधानी खार्गिव के मेडिकल कालेज में ऑनलाइन दाखिले के लिए आवेदन दिया था, जिसमें उसका चयन हो गया प्रदेशभर से लगभग 20 छात्र-छात्राएं यहां मेडिकल की पढ़ाई करेंगे।

विभा दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है। मां संगीता साहू परिवार की व्यवस्था बनाने 2006 में पंचायत में रोजगार सचिव नियुक्त हुई थी। छह साल बाद उन्होंने पंचायत सचिव के लिए प्रयास किया और पंचायत सचिव बनी परिवार के लालन-पालन में माता पिता ने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की ठानी।

दो महीने से मां पासपोर्ट से लेकर अन्य व्यवस्था को लेकर लगी रही

संगीता साहू ब्लॉक के ढोलियाकन्हार, पेंड्रीकला के बाद फिलहाल कलकसा पंचायत में सचिव कार्य संभाल रही है। दिनभर की भागदौड़ के बाद भी बेटी के डॉक्टर बनने की चाहत को पूरा करने मां ने युक्रेन में चयन के बाद पासपोर्ट से लेकर अन्य व्यवस्था बनाने दो महीने से जुटी रही। अब विभा युक्रेन की राजधानी खार्गिव के नेशनल मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करेगी।

इस तरह फीस का होगा समाधान

विभा का चयन होने के बाद पढ़ाई की फीस को लेकर माता-पिता ने फिलहाल एक साल की फीस की व्यवस्था कर ली है। युक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए हर साल आठ लाख रूपए फीस है। माता संगीता साहू ने बताया कि अगले साल केन्द्र सरकार की योजना के तहत बच्ची की पढ़ाई के लिए लोन लेकर विभा के डॉक्टर बनने का सपना पूरा करेंगे। इसके लिए अगले साल प्रयास किया जाएगा।