नई दिल्ली । दिल्ली को हवाई खतरे से बचने के लिए भारत  एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तमाल क्लारने जा रहा है। भारत जल्द ही अमेरिका से नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम- II (NASAMS-II) की खरीदे के लिया तैयार हो रहा है। भारत इस मिसाइल रक्षा प्रणाली का उपयोग स्वदेसी तौर पर विकसित पृथ्वी एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम, रूसी एस-400 और इजरायली डिफेंस प्रणालियों के साथ मिलाकर एक बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा ढाल बनाने के लिए करेगा .इस रक्षा प्रणाली का इस्तमाल दिल्ली को मिसाइल खतरा से बचाने और किसी भी ड्रोन को आसमान से जमीन  पर पटकने के लिए किया जायेगा। इनकी तैनाती के लिए जगहों के चयन पर भी फैसला हो चुका है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार,

रिपोर्ट में लिखा गया है कि, रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार अमेरिका के अपने विदेशी सैन्य बिक्री कार्यक्रम के तहत भारत को नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (NASAMS-II)  मिसाइल रक्षा प्रणाली की बिक्री के लिए स्वीकृति पत्र जुलाई-अगस्त तक जारी कर सकता है। इस मिसाइल रक्षा प्रणाली की अनुमानित लागत 6000 करोड़ रुपये है।अमेरिका को  सौदे की स्वीकृति मिलने के तीन से चार साल के अंदर इस मिसाइल रक्षा प्रणाली को भारत को सौंप देगा।  

ऐसे होगी दिल्ली की सुरक्षा

दिल्ली की हवाई सुरक्षा में तीन तरह की रक्षा प्रणालियों को लगाया जाएगा। पहली पंक्ति में भारत की खुद की विकसित पृथ्वी एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम तैनात होगी। जबकि दूसरी पंक्ति में रूसी एस -400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम किसी भी संभावित खतरे को खत्म करने का काम करेगी। तीसरी कतार में भारत और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित बराक-8 और NASAMS तैनात होगी।