सलमान खान

सुकमा बस्तर नक्सलवाद का दंश झेलने के कारण सुर्ख़ियों में रहा है। इसके अलावा इसकी पहचान यहां मौजूद प्राकृतिक सुंदरता और जलप्रपातों की वजह से भी है। घने जंगलों के बीच कई ऐसे खूबसूरत पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जो नक्सलवाद की वजह से अभी भी पर्यटकों से दूर हैं। ऐसा ही एक स्थान तोंगपाल में मौजूद चितलनार जलप्रपात सुकमा जिले के तोंगपाल में चितलनार के घने जंगलों के बीच मौजूद है जिसे छोटा दुरमा जलप्रपात के नाम से जाना जाता है।

यह झरना तुलसी डोंगरी की पहाड़ियों से निकलने वाले नाले कंपनी छोटे दुरमा की बीस फीट ऊंची चट्टानों से गिरता है। ग्रामीणों ने जलप्रपात के पास ही शिव मंदिर का निर्माण कराया है। कोकवाड़ा गांव से पहले पूर्व दिशा में करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर चितलनार गांव में मौजूद पहाड़ी की पगडंडी के सहारे जलप्रपात तक पहुंचा जा सकता है। कोकवाड़ा और चितलनार के बीच एक नदी और दो नाले पड़ते है, जिन्हें पारकर जलप्रपात की खूबसूरती निहारी जा सकती है।

इस मामले में कलेक्टर चंदन कुमार ने बताया कि चितलनार जलप्रपात को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस साल जलप्रपात को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। चितलनार गांव से पहले एक नदी है जिस पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है और पुल का काम पूरा होते ही चितलनार जलप्रपात को विकसित किया जाएगा।