रायपुरः- कलिंगा विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर साईंस विभाग और आई टी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में रीसेंट इनोवेशन इन स्मार्ट आई टी एंड़ कम्युनिकेशन फॉर रूरल डेवलपमेंट विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में देश भर से आए विद्वान प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञ विद्वानों ने सहभागिता निभाई।

विदित हो 03 एवं 04 दिसम्बर को आयोजित इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डाँ. राजीव कुमार ने किया। इस अवसर  पर विशिष्ट अतिथि डाँ. के. सुब्रमण्यम (महानिर्देशक-सीजीसीओएसटी), डाँ. आर श्रीधर (कुलपति कलिंगा विश्वविद्यालय) और डाँ. आशा अंभईकर (संयोजक एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता) ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शोध संगोष्ठी की संयोजक डाँ. आशा अंभईकर आए प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आई टी और संचार में नए तकनीक के माध्यम से ग्रामीणों में आजीविका के अवसर को बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाँ. सुब्रमण्यम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक नवाचार के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी आबादी की जीवन शैली के अंतर को कम किया जा सकता है। कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डाँ. आर श्रीधर ने ग्रामीण लोगों के जीवन मंे स्मार्ट आई टी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर प्रथम सत्र की अध्यक्षता डाँ. अनिल दुबे (वैज्ञानिक सीजीसीओएसटी) एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में डाँ. अरूणा राणा (एरो माॅडलिंग विशेषज्ञ) उपस्थित थे। जबकि द्वितीय सत्र की अध्यक्षता डाँ. पूजा शर्मा प्राध्यापक (आईआईएलएम विश्वविद्यालय गुडगाँव) एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में डाँ. अरूणा राणा उपस्थित थे। इन दोनों सत्र में विभिन्न विद्वानों ने अपने शोध पत्र का वाचन किया।

राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के दुसरे दिन विशेष अतिथि के रूप में कर्नल रविन्द्र वर्मा छत्तीसगढ़ गल्र्स बटालियन (एनसीसी) की उपस्थित थे। 04 दिसम्बर को आयोजित तृतीय सत्र की अध्यक्षता डाँ. अनिल तिवारी (प्रमुख सचिव, दिशा एजुकेशन सोसाईटी, रायपुर) ने की एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में डाँ. एम के बेग (वैज्ञानिक सीजीसीओएसटी) उपस्थित थे। जबकि चैथे सत्र की अध्यक्षता डाँ. विवेक तिवारी (सहायक प्राध्यापक, आई आई टी रायपुर) ने की एवं विषय विशेषज्ञ के रूप में डाँ. एच आर शर्मा (डीन आरसीटीई) उपस्थित थे। इस अवसर पर विभिन्न रिसर्च स्कालर्स ने अपने रिसर्च पेपर को प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर कलिंगा विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।