नई दिल्‍ली।  भारत और पाकिस्‍तान के बीच उभरे तनाव के मद्ददेनजर पूरी दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र पर लगी हुई हैं। पूरा विश्‍व दोनों देशों से संयंम बरतने की बात कर रहा है। वहीं पाकिस्‍तान की तरफ से भी ऐसे ही सुर सुनाई दे रहे हैं। इसके बाद भी पाकिस्‍तान की तरफ से भारत के सैन्‍य ठिकानों को निशाना बनाने के मकसद से लड़ाकू विमानों ने बुधवार को भारतीय हवाई सीमा का उल्‍लंघन किया। इससे तनाव को और बढ़ाने का काम किया गया है। इस बीच पाकिस्‍तान लगातार दावा कर रहा है कि विश्‍व के कई देश उसके साथ हैं, लेकिन यह दावा कितनी सच्‍चाई है इसको जानना भी बेहद जरूरी है।

अमेरिका पाकिस्‍तान को बार-बार अपने यहां से आतंकवाद को खत्‍म करने की हिदायत देता रहा है। इतना ही नहीं अमेरिका की तरफ से यहां तक कहा गया है कि भारत को पूरा हक है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाए। बालाकोट में हुई कार्रवाई को भी अमेरिका ने गलत नहीं कहा है। इसके अलावा जर्मनी, हंगरी, इटली, कनाडा, इजराइल, आस्‍ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, स्‍वीडन, स्‍लोवाकिया, फ्रांस, स्‍पेन, सऊदी अरब और भूटान ने इस मुद्दे पर भारत का समर्थन किया है।

पाक को ओआईसी का साथ

जहां तक यूरोपियन यूनियन की बात है तो पुलवामा हमले की उन्‍होंने कड़ी निंदा की है। हालांकि ईयू ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी विवादित मुद्दे को बातचीत के जरिए ही सुलझाने का पक्षधर है। पुलवामा के बाद ईयू उपाध्‍यक्ष फैडरिका मोघेरिनी ने दोनों से तनाव दूर करने और संयंम बरतने की अपील की थी। जहां तक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्‍लामिक कार्पोरेशन (ओआईसी) की बात है तो आपको बता दें कि इसके करीब 57 सदस्‍य हैं। पुलवामा के बाद भारत ने जो कार्रवाई बालाकोट में की थी उसके बाद इस संगठन ने भारत के खिलाफ प्रस्‍ताव पारित कर कार्रवाई को गलत बताया था। ओआईसी के अलावा फिलहाल पाकिस्‍तान का साथ और कोई देश नहीं दे रहा है।