जम्मू चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल इस साल बनकर तैयार हो जाएगा। यह पुल रियासी जिले में बक्कल और कौड़ी के बीच बनाया जा रहा है। 1.3 किमी लंबे रेल ब्रिज की खासियत है कि नदी तल से 359 मीटर ऊंचाई पर बना यह पुल एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है, जो 17 केबल्स पर टिका होगा। अभी फ्रांस के तरन नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज बना हुआ है, इस ब्रिज का सबसे ऊंचा खंभा 340 मीटर है।



विस्फोट और प्रेशर का ब्रिज पर नहीं होगा असर 

पुल निर्माण में 14 साल से 5 हजार वर्कर और 300 इंजीनियर लगे हुए हैं। ब्रिज में दो ट्रैक होंगे, एक की चौड़ाई 14 मीटर होगी। इसके अलावा निरीक्षण के लिए 1.2 मीटर चौड़ा एक रास्ता भी होगा। इस ब्रिज का निर्माण कोंकण रेलवे ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत कर रहा है। पुल के निर्माण पर करीब 1200 करोड़ रुपए खर्च आ रहा है। इस प्रोजेक्ट में डीआरडीओ समेत देश के 15 बड़े संस्थान कोंकण रेलवे की मदद कर रहे हैं। इस ब्रिज में ब्लास्ट लोड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। किसी भी विस्फोट और प्रेशर का ब्रिज पर असर नहीं होगा। प्रोजेक्ट की नींव 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी।

इस ब्रिज के निर्माण में 29 हजार मीट्रिक टन इस्पात का इस्तेमाल किया जाएगा। ब्रिज 266 किमी/ घंटे रफ्तार की हवा का भी सामना कर सकता है। यह पुल ऑनलाइन मॉनीटरिंग एंड वार्निंग सिस्टम से लैस होगा। ब्रिज निर्माण में  ब्लास्ट प्रूफ स्टील का प्रयोग हुआ है। 111 कि.मी. लंबे कटरा और बनिहाल मार्ग पर ब्रिज बनने से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक रेलमार्ग के जरिए जुड़ जाएगा।