दुनिया

देश

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के क्राइस्ट चर्च मस्जिद हमले में एक भारतीय की मौत हो गई है। मरने वाले का नाम जुनैद कारा है और वह गुजरात के नवसारी का रहने वाला था। पिछले कई साल से वह न्यूजीलैंड में अपने परिवार के साथ रह रहा था और वहां स्टोर चलाता था। शुक्रवार को वह भी मस्जिद में नमाज अदा करने गया था। इस दौरान हमलावर ने उसे गोली मार दी। इसके अलावा हमले में 9 भारतीय अब तक लापता हैं।

बता दें कि ब्रेंटन ने दो मस्जिदों पर गोलीबारी की थी और लाइव वीडियो बनाते हुए 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। ब्रेंटन हैरिसन की पहचान ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के रूप में हुई थी। हथकड़ी और सफेद जेल शर्ट पहने हुए ऑस्ट्रेलियाई मूल के पूर्व फिटनेस प्रशिक्षक ब्रेंटन हैरिसन टारंट ने जमानत की अपील नहीं की। इस कारण उसे 5 अप्रैल तक हिरासत में भेज दिया गया। शुक्रवार को क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में गोलीबारी हुई थी। इस दौरान 49 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के लिए ब्रेंटन को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने की कड़ी निंदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मोदी ने इस कठिन घड़ी में न्यूजीलैंड के मित्रवत लोगों के प्रति पूरी एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि भारत आतंकवाद के हर स्वरूप और ऐसे कार्यों का समर्थन देने वालों की कड़ी निंदा करता है।

भारत न्यूजीलैंड सरकार के साथ

शुक्रवार देर रात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया कि हम क्राइस्टचर्च में धर्मस्थलों पर हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं प्रियजनों को खोने वालों के साथ हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। दुख की इस घड़ी में भारत न्यूजीलैंड की सरकार और जनता के साथ एकजुटता से खड़ा है।

हेल्थ / लाइफस्टाइल

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive

नई दिल्ली। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से हर साल दुनियाभर में करीब 90 लाख लोगों की मौत हो जाती है। यह यूएन की एक रिपोर्ट में सामने आया है, संयुक्त राष्ट्र ने एक रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी कि अगर अभी भी सभी देशों ने एकजुट होकर पर्यावरण को बचाने के लिए सख्त कदम नहीं उठाए तो एशिया, पश्चिमी एशिया और अफ्रीका के शहरों व क्षेत्रों में 2050 तक लाखों लोगों की अकाल मृत्यु हो सकती है।

वायु और जल प्रदूषण सेहत की वजह से हर साल लाखों जानें जा रही है। इसी सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण खराब होने के विनाशकारी परिणामों से मानवता को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 2050 तक जल प्रदूषण ही मौतों का अकेला कारण बन जाएगा। रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार 2050 तक लगभग 30 करोड़ लोगों की जान चली जाएगी। फ्रेश वॉटर सिस्टम प्रदूषकों की वजह से कीटाणु प्रतिरोधक हो जाएंगे। इसकी वजह से न सिर्फ लोगों की अकाल मृत्यु होगी बल्कि पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर डालेगा। भारत सहित 70 से अधिक देशों के 250 वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने यह रिपोर्ट बनाई, जिसे केन्या के नैरोबी में चल रही संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के दौरान पेश किया गया।

दुनिया

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive

नई दिल्‍ली। संयुक्त राष्ट्र में चीन के वीटो से बचे जैश सरगना मसूद अजहर पर फ्रांस अब काफी सख्त रुख अपनाने वाला है। फ्रांस ने कहा है कि वह अपने देश में जैश की सभी संपत्तियों को जब्त करेगा। जैश के खिलाफ फ्रांस की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

संयुक्त राष्ट्र में जैश सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने के प्रस्ताव पर चीन द्वारा वीटो करने के बाद फ्रांस ने इस आतंकवादी संगठन पर अब खुद से ऐक्शन लेने का फैसला कर लिया है। जैश के खिलाफ फ्रांस की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मसूद के पक्ष में चीन का वीटो का अमेरिका समेत कई देशों ने आलोचना की थी। फ्रांस सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा है कि फ्रांस मसूद को यूरोपियन यूनियन की आतंकवादी सूची में शामिल करने को लेकर बात करेगा। उधर, पाकिस्तान पर भी आतंकवादी मसूद पर कार्रवाई को लेकर जबर्दस्त वैश्विक दबाव है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ने ही ली थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए थे।

वैश्विक आतंकवादी घोषित करने में चीन ने लगाया था अड़ंगा

बता दें कि पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह में चीन ने चौथी बार अड़ंगा लगा दिया था। मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर फैसले से कुछ मिनट पहले चीन ने वीटो का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। 2017 में भी चीन ने ऐसा ही किया था। बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था।

फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका ने पेश किया था UN में प्रस्ताव

पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद फ्रांस के नेतृत्व में ब्रिटेन और अमेरिका ने मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया था। उल्लेखनीय है कि भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहा है कि जैश पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाया है, लेकिन उससे संस्थापक को बैन नहीं किया जा रहा। अजहर पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के बहावलपुर में कौसर कालोनी में रहता है। जनवरी 2016 में पंजाब के पठानकोट में भारतीय वायु सेना के बेस पर जैश के हमले के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र की ओर से अजहर पर प्रतिबंध लगाने को लेकर अपनी कोशिशें तेज कर दी थीं। इसमें भारत को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस का भी समर्थन मिला था, लेकिन चीन ने इसका विरोध किया था।

चीन को चेतावनी, उठाए जाएंगे कड़े कदम

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के डिप्लोमैट्स ने चीन को चेतावनी दी है। डिप्लोमैट्स ने कहा कि अगर चीन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के रास्ते में रुकावट बनेगा तो वह इस पर कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। सुरक्षा परिषद के एक डिप्लोमैट ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर चीन इस कार्य में बाधा पैदा करना जारी रखता है, तो जिम्मेदार सदस्य देश, सुरक्षा परिषद में अन्य कदम उठाने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।' डिप्लोमैट ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर यह बात कही।

अमेरिका ने भी की आलोचना

अमेरिका ने पाकिस्तान की जमीन पर सक्रिय आतंकवादी समूहों और उसके सरगनाओं को बचाने के लिए चीन पर निर्भर रहने को लेकर पाकिस्तान की भी आलोचना की। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता रोबर्ट पलाडिनो ने भी कहा था कि अजहर मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के लिए पर्याप्त कारण हैं। अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने कहा कि चीन ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र को उस जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने से रोक दिया, जिसने फरवरी में भारत में पुलवामा हमला किया था। मैं चीन से अपील करता हूं कि वह संयुक्त राष्ट्र को अजहर पर प्रतिबंध लगाने दे।

दुनिया

User Rating: 0 / 5

Star InactiveStar InactiveStar InactiveStar InactiveStar Inactive

नई दिल्ली। अमेरिका ने रणनीतिक सुरक्षा वार्ता के नौवें दौर में एक बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका ने द्विपक्षीय असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने के लिये भारत में छह परमाणु संयंत्र बनाने के लिए सहमति व्यक्त की है। एक संयुक्त बयान में बुधवार को इसकी जानकारी दी गयी। भारत-अमेरिका रणनीतिक सुरक्षा वार्ता के नौवें दौर के पूरा होने के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि हम द्विपक्षीय सुरक्षा और असैन्य परमाणु कार्यक्रम को मजबूत करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। इसमें भारत में छह अमेरिकी परमाणु संयंत्र का निर्माण भी शामिल है।

अमेरिका की उप विदेश मंत्री आंद्रिया थॉम्पसन और विदेश सचिव विजय गोखले ने इस संयुक्त बैठक की सह अध्यक्षता की। दोनों देशों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर 2008 में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। अमेरिका ने बुधवार को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह एनएसजी में भारत को शीघ्र सदस्य बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहरायी। एनएसजी में भारत की सदस्यता की राह में चीन रोड़े अटकाता आया है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने वैश्विक सुरक्षा, अप्रसार की चुनौतियों समेत विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की।

बता दें कि भारत में विद्युत उत्पादन का विकास 19वीं सदी के अंत में, सन 1897 में दार्जिलिंग में बिजली आपूर्ति की शुरुआत से हुआ। ताप विद्युत, जल विद्युत और अक्षय ऊर्जा के स्रोतों के बाद भारत में परमाणु ऊर्जा बिजली का सबसे बड़ा स्रोत है। भारत में घरेलू यूरेनियम रिजर्व कम है और यूरेनियम आयात पर निर्भर है ताकि परमाणु ऊर्जा उद्योग को बढ़ावा दिया जा सके। इसलिए, 1990 से, रूस भारत के लिए परमाणु ईंधन का प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है।

The Voices FB