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नई दिल्ली । हर साल 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। इस दिन कपल्स अपने पार्टनर को फूल, चॉकलेट, टेडी बीयर और गिफ्ट्स देते हैं या कहें कि अपने प्यार और रिश्ते का जश्न मनाते हैं। इस 14 फरवरी से पहले पूरे हफ्ते वैलेंटाइन वीक सेलिब्रेट किया जाता है। इन गिफ्ट्स और फूलों को खास तौर पर इन्हीं दिनों में दिया जाता है। इसकी शुरुआत रोज़ डे से होती है और आखिरी दिन किस डे मनाया जाता है। इस 7 दिनों के बाद 8वें दिन वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। यहां जानिए दुनियाभर में मनाए जाने वाले इस खास दिन की आखिर शुरुआत आखिर हुई कब से और यह कैसे सेलिब्रेट किया जाता है।

रोम के एक राजा क्लॉडियस थे, जिनके राज्य में एक पादरी संत वैलेंटाइन थे। संत वैलेंटाइन दुनिया में प्यार को बढ़ावा देने में मान्यता रखते थे। लेकिन राजा को उनकी ये बात पसंद नहीं थीं। राजा को लगता था कि प्रेम से विवाह से पुरुषों की बुद्धि और शक्ति दोनों ही खत्म होती हैं। वे भोग विलास भरा जीवन जीता था और उसके राज्य ने शादी करने पर प्रतिबन्ध था। इसी वजह से उसके राज्य में सैनिक और अधिकारी शादी नहीं कर सकते थे लेकिन संत वैलेंटाइन ने राजा क्लॉडियस के इस आदेश का विरोध किया और रोम के लोगों को प्यार और विवाह के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं, उन्होंने कई अधिकारियों और सैनिकों की शादियां भी कराई। इस बात से राजा भड़का और उसने संत वैलेंटाइन को 14 फरवरी 269 में फांसी पर चढ़वा दिया। उस दिन से हर साल इसी दिन को 'प्यार के दिन' के तौर पर मनाया जाता है।

  ऐसे करें अपने प्यार का इजहार  

  • रोज डे - वैलेंटाइन डे के पहले दिन पार्टनर को लाल गुलाब देकर प्यार का इज़हार किया जाता है। सिर्फ पार्टनर ही नहीं बल्कि इस दिन दोस्त, मां-पापा, भाई-बहन, टीचर, बॉस और कलीग को भी गुलाब दिया जा सकता है।
  • प्रपोज़ डे - हफ्ते के दूसरे दिन पार्टनर से अपनी फीलिंग्स और प्यार का इज़हार किया जाता है। इसके लिए अपने पार्टनर की आंखों में आंखें डालकर उनसे अपने मन की बात कही जाती है. लेकिन आजकल लोग यह भी फोन पर करने लगे हैं। फोन पर कॉल या मैसेज के जरिए ही उन्हें प्रपोज़ कर रहे हैं।
  • चॉकलेट डे - इस हफ्ते के तीसरे दिन पार्टनर को चॉकलेट दी जाती है। या कहें कि उनका मुंह मीठा करवाया जाता है। इसके लिए आजकल कई ऑनलाइन चॉकलेट शॉप बन गई हैं। यानि अब आप घर या ऑफिस में बैठे-बैठे ही अपने पार्टनर का मुंह मीठा करना सकते हैं। 
  • टेडी डे - वैलेंटाइन वीक का चौथा दिन है टेडी डे। इस दिन कपल्स एक-दूसरे को टेडी बीयर गिफ्ट में देते हैं। 
  • प्रॉमिस डे - पांचवा दिन है प्रॉमिस डे। इस दिन कपल्स एक-दूसरे को हमेशा साथ निभाने का वादा करते हैं। इसके अलावा भी वो हमेशा प्यार करने, कभी ना धोखा देने और एक-दूसरे के साथ ज़िंदगी भर खुश रहने का प्रॉमिस करते हैं। 
  • हग डे - वैलेंटाइन वीक का छटा दिन है हग डे। इस दिन एक-दूसरे को गले लगाया है। बाकि सभी काम बेशक आप ऑनलाइन कर लें, लेकिन हग डे सेलिब्रेट करने के लिए आपको खुद अपने पार्टनर के साथ मौजूद होना पड़ता है। लेकिन लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने वाले कपल इस दिन भी गले लगते हुए फोटोज़ और मैसेजेस से ही काम चलाते हैं। 
  • किस डे -  हग डे की ही तरह किस के लिए आपको आपके पार्टनर के साथ होना होता है। वैलेंटाइन वीक का सातवां दिन मनाया जाता है किस डे। 
  • वैलेंटाइन डे - इस आखिरी दिन बाद सेलिब्रेट किया जाता है वैलेंटाइन डे। जो कि हर साल 14 फरवरी को मनाते हैं।

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नई दिल्ली आज लेव लैन्डाउ का 111वां बर्थडे सेलब्रेट किया जा रहा है। गूगल ने आज एक खास डूडल बनाया है। गूगल ने यह डूडल बनाकर भौतिकशास्त्री लेव लैन्डाउ सोवियत के भौतिकशास्त्री का जन्मदिन मनाया जा रहा है। इन्होंने 20वीं सदी के दौरान भौतिकी में कई महत्वपूर्ण खोजें की हैं। इनका जन्म 22 जनवरी 1908 को बाकू (अजरबैजान) में हुआ था। वह गणित और विज्ञान में बहुत तेज थे। लेव लैन्डाउ के पिता ऑयल फर्म में इंजिनियर थे, जबकि उनकी मां डॉक्टर थीं। 


अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद लेव लैन्डाउ ने लेनिनग्राड यूनिवर्सिटी का फिजिक्स डिपार्टमेंट ज्वाइन किया। वहां सिर्फ 18 साल की उम्र उनका पहला पेपर पब्लिश हुआ। उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी Ph.D. पूरी की। लैन्डाउ को रॉकफेलर फेलोशिप और सोवियत स्टाइपेंड मिला, जिससे उन्हें ज्यूरिख, कैंब्रिज और कोपेनहेगन में रिसर्च फैसिलिटी देखने का मौका मिला। साथ ही, उन्हें नोबेल अवॉर्ड हासिल करने वाले नील्स बोर के साथ पढ़ने का मौका मिला। 

लैन्डाउ ने क्वांटम मैकनिक्स में डेन्सिटी मैट्रिक्स मेथड, थिअरी ऑफ सेकंड ऑर्डर फेज ट्रैन्ज़िशन, थिअरी ऑफ फर्मी लिक्विड को-डिस्कवर्ड कीं। वह यूक्रेनियन फिजिको टेक्निकल इंस्टीट्यूट में थिअरेटिकल डिपार्टमेंट के हेड भी थे। वह मॉस्को में थिअरेटिकल डिपार्टमेंट ऑफ इंस्टीट्यूट ऑफर फिजिकल प्रॉब्लम्स ऑफ एकेडमी ऑफ साइंसेज में भी रहे। 1961 में उन्हें मैक्स प्लैन्क मेडल और फ्रिट्ज लंदन प्राइज मिला। लेव लैन्डाउ को 1962 में फिजिक्स में नोबेल प्राइज मिला। 1 अप्रैल 1968 को रूस में इनकी मृत्यु हो गयी 

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