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रायपुर।
धमतरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में इंदर चोपड़ा को टिकट देने की मांग को लेकर धमतरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने आज भाजपा कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि इस सीट से भाजपा ने रंजना साहू को टिकट दी है। भाजपा में 77 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने के बाद कई सीटों से असंतोष की खबरें आ रही हैं। इसी कड़ी में आज धमतरी का नाम भी जुड़ गया है। यहां के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के एकात्म  परिसर कार्यालय में पहुंचकर इंदर चोपड़ा को टिकट दिलाने जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान मंत्री अजय चंद्राकर यहां पहुंच गए। गेट पर इस आस में उनकी गाड़ी रूकी रही ताकि वो अंदर जा सकें। मगर धमतरी से आए इंदर चोपड़ा के समर्थकों ने मंत्री की गाड़ी को घेर कर नारे बाजी की। नारों में ये भी कहा गया कि कुरूद की दादागिरी नहीं चलेगी।

प्रदर्शन कारियों में शामिल धमतरी के पार्षद प्रवीण साहू ने बताया कि धमतरी में रंजना को टिकट दिया गया है। वो कांग्रेस के लिए काम करती हैं। संगठन को इंदर को ही टिकट देना पड़ेगा | प्रदर्शनकारियों ने इशारों में कहा कि मानें तो अजय चंद्राकर की शह पर ही धमतरी में टिकट गलत उम्‍मीदवार को दिया गया है 

देखें हंगामे का वीडियो

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By किशोर यादव

बालोद। थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुजरा में 3 दिन पूर्व एक युवक की हत्या के मामले में बालोद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए हत्या के आरोप में गांव के ही 12 युवकों को गिरफ्तार किया हैं। जहां सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है ।

घटना 3 दिन पूर्व शनिवार की है जब मृतक धर्मराज सिवाना अपने घर से गांव के गलियों में घूमने निकले थे। तभी रात लगभग 11:00 बजे गांव के ही अपने साथी युवकों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया और देखते देखते विवाद इतना बढ़ गया इन युवकों ने अपने ही साथी मृतक धर्मराज सिवाना का लाठी डंडे से बेरहमी से पिटाई कर सड़क में अधमरे हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए। सड़क पर खून से लथपथ बड़े युवक को देख ग्रामीणों ने तत्काल बालोद जिला अस्पताल लाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और इसकी सूचना बालोद थाने में कर दी। घटना की सूचना पर पहुची बालोद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज शव को परिजन को सौंप कर अपने जांच कार्रवाई में जुट गए।

 मामले में रविवार को गांव के 12 आरोपी विकास हल्बा, रामू हल्बा, बिरेन्द्र गोंड़, बिनु हल्बा, लिंगम हल्बा, ईश्वर हल्बा, कमल हल्बा, महेन्द्र हल्बा, ढालसिंह गोंड़, अजय गोंड़, किसन हल्बा के साथ सरपंच पति समय लाल गोंड़ को न्यायिक रिमांड के बाद बालोद उप जेल भेज दिया गया। इसके पहले दोबारा पूछताछ हुई। रविवार शाम 4 बजे एक बस से 10 से ज्यादा पुलिस जवानों ने इन्हें अस्पताल से एमएलसी के बाद उपजेल भेजा। पुलिस जांच के अनुसार मृतक धर्मराज सिवाना अपने गांव के अजय कुमार मंडावी को हाथ-मुंह के फूलते तक मार दिया। जिसके बाद उनके दोस्तों ने देखा तो वे उग्र हो गए। सरपंच पति के साथ उनके घर में उसे खोजने चले गए।

घटना में सभी आरोपी युवक 20 से 27 वर्ष के हैं। शराब के नशे में होने के कारण खुद का आपा खो बैठे और इस बड़ी घटना को अंजाम दे दिया। घटना का सबसे बड़ा पहलू यह है कि मेले में हजारों लोगों के बीच यह घटना हुई लेकिन किसी ने नहीं रोका। बालोद थाना प्रभारी रामकिंकर यादव ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है। सभी आरोपी युवक जोश-जोश में घटना को अंजाम दे डाले।

ग्रामीणों के अनुसार आरोपी युवक मृतक के करीबी दोस्त भी थे। मृतक शराब पीने के बाद लोगों के साथ मारपीट करता था। जिससे नाराज होकर इतने लोगों ने भीड़ में उसे मार डाला। पकड़े गए उक्त सभी 12 आरोपियों को आईपीसी की धारा 147 व 302 के तहत कार्यवाही कर जेल भेजा गया हैं।

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पीठासीन और मतदान अधिकारियों की ट्रेनिंग के दौरान हुआ दिलचस्प वाकया

 

जगदलपुर। जिला मुख्यालय में रविवार से शुरू हुई पीठासीन और मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उस वक़्त अजीबोग़रीब स्थिति निर्मित हो गई जब प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों अधिकारियों को यह पता चला कि इस प्रशिक्षण में लगे कम्पयूटरों ने उनका नाम और सरनेम ही बदल दिए हैं।

जगदलपुर के निर्मल विद्यालय में रविवार को 850 कर्मचारियों को मतदान के लिए प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम रखा गया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे कई अधिकारी, कर्मचारियों में से कई अपना नाम चस्पा की गई सूची में खोजने मेहनत मशक्कत करते नज़र आये। 

दरअसल हुआ यह कि ट्रेनिंग स्थल पर जो सूची चस्पा की गई थी उसमें कंप्यूटर की त्रुटि के चलते ट्रेनिंग में शामिल लोगों के नाम बेहद अजीबोगरीब तरीके से अंग्रेजी में ट्रांसलेट हो गए। कंप्यूटर ने मधु एक्का  को हनी एक्का, दीपक बाजपेयी को लैंप बाजपेयी, प्रकाश मूर्ति को लाइट मूर्ति और विश्वमोहन मिश्र को विश्वमोहन एलॉय बना दिया। इस गलती की वजह से देर तक प्रभावित कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। 

आखिरकार प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचे मतदान कर्मियों ने अपना नाम अंग्रेजी से हिंदी में खुद ही ट्रांसलेट किया और अपने लिए आरक्षित कमरों में पहुंचे। उम्मीद है कि कंप्यूटर की इस त्रुटि को सुधारने की जल्द ही कोशिश की जाएगी। प्रशिक्षण खत्म होने के बाद भी कर्मचारी एक दूसरे को कंप्यूटर द्वारा दिये गए नए नामों से संबोधित करते नज़र आये।

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