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By नीरज उइके
कोंडागाँव। सर्व समाज की जिला इकाई के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बड़ी संख्या में महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम तीन अलग-अलग मामलो को लेकर ज्ञापन सौपा है।

बंगाराम सोरी व अन्य समाज प्रमुखों के नेतृत्व में शुक्रवार 16 अक्टूबर को अलग अलग मामलो को लेकर सर्व समाज राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपने कलेक्ट्रेट पहुंचा था।

सर्व समाज ने ग्यापन सौपते कहा कि राजधनी रायपुर में बस्तर के एक युवा की हत्या कई प्रश्नों को जन्म दे रहा है।बंगा राम ने कहा कि बस्तर के लोगो में राजधानी के सफर को लेकर अब भय नजर आ रहा है,शासन को विशेष अभियान चलाना पड़ेगा कि यहाँ के लोग खुद को भय मुक्त महसूस कर सकें।

वहीं हत्या की उच्चस्तरीय जांच व मृतक इरशाद (चाउस) के परिजनों को आर्थिक सहायता सहित बच्चो के शिक्षा के प्रबंधन के लिए आग्रह किया गया है।
अलावा ग्राम बंजोडा की युवती के आत्महत्या के मामले की न्यायिक जांच करवाने व उसकी पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का खुलासा किये जाने को लेकर व छोटे ओडागाव में अनाचार व युवती के आत्महत्या मामले में निष्पक्ष जांच कराते दोषियों को कठोर दंड व परिजनों को मुवावजे की मांग के अलावा एक शासकीय कर्मचारी की शिकायत को लेकर भी ज्ञापन सौंपा गया है।जिसमे जिला मुख्यालय के जल संसाधन विभाग में एसडीओ के तौर पर पदस्थ चितरंजन खोब्रागडे जो दो दशक से भी ज्यादा समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है, उन्हें तत्काल हटवाने व उनके कार्यो की जांच करवाने को लेकर ज्ञापन सौंपा वही विभागीय महिला कर्मचारी से अभद्रता पर मामला दर्ज के बावजूद अब तक कार्यवाही न होने को लेकर पीड़ित महिला के साथ सर्व समाज खड़ा नजर आया।सर्व समाज जिला कोंडागाँव के द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर द्वारा कलेक्टर कोंडागाँव को ज्ञापन सौंपा गया इस कार्यक्रम में सर्व समाज पदाधिकारी शामिल हुए सर्व आदिवासी समाज जिला अध्यक्ष बंगाराम सोरी ,सर्व अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष धंसराज टंडन ,सर्व पिछड़ा वर्ग जिला संरक्षक नीलकंठ शार्दूल, सीआर कोराम सर्व आदिवासी समाज संरक्षक, इरशाद खान मुस्लिम समाज लखमु राम टंडन सतनामी समाज ,जीवन लाल नाग आदिवासी समाज ,भारत जैन कलार समाज ,यतींद्र सलाम युवा प्रभाग ,सुरेंद्र मिश्रा ब्राह्मण समाज ,गुरूचरण मारकन्डेय सतनामी समाज, तरूण नाग उत्कल समाज ,बसंत साहू साहू समाज ,पीडी विश्कर्मा विश्वकर्मा समाज ,भरत लाल वर्मा कुर्मी समाज ,गणेश मरावी आदिवासी समाज, शंकरलाल नेताम सामाजिक कार्यकर्ता ,फतेह सिंह जुर्री संगठन मंत्री सर्व आदिवासी समाज ,बाल सिंह बघेल जिला पंचायत सदस्य, जितेन्द्र सुराना, रंजीत गोटा आदिवासी युवा प्रभाग ,शिवा नेताम जिला उपाध्यक्ष आदिवासी समाज, बुधराम नेताम सामाजिक कार्यकर्ता, राजेंद्र बघेल शिल्प कलाकार, शिशिर प्रकाश पटेल पटेल समाज, श्रीमती स्नेह लता राजू, बाल सिंह बघेल जिला पंचायत सदस्य, व अन्य कार्यक्रम में शामिल रहे।

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By उदय मिश्रा
राजनांदगांव। नवरात्रि के प्रथम दिन, महापौर पहुँची लखोली वार्ड 35. स्थित शीतला मंदिर, महापौर हेमा देशमुख ने शीतला माता मंदिर में माता के दर्शन कर, ज्योति कलश स्थापना कक्ष का किया शुभारंभ।

वार्ड पार्षद भागचंद साहू ने वार्ड वासियों के साथ महापौर का पुष्प माला एवं श्रीफल भेंट कर स्वागत किया वहीं वार्ड वासियों ने विभिन्न समस्याओं से महापौर को अवगत कराया । महापौर द्वारा वार्ड 35. के विभिन्न स्थल संतोषी नगर, नाइ गली आदि में पीसीसी रोड निर्माण हेतु 15लाख के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

यह कार्यक्रम वार्ड व पार्षद एवं महापौर परिषद के सदस्य भागचंद साहू , पार्षद दुलारी साहू , पार्षद मनीष साहू आदि की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

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By नीरज उइके
कोंडागाँव। केशकाल विधान सभा के पूर्व विधायक कृष कुमार ध्रुव ने बस्तर अंचल में लगातार नाबालिग युवतियों के साथ हो रहे अनाचार हत्या व आत्म हत्या को लेकर कहा कि यह समाज व शासन प्रशासन के लिए एक गंभीर सोचनीय विषय है जिस पर चिंता व्यक्त करते पूर्व विधायक ने कहा की बाल अधिकार आयोग महिला आयोग एवं सरकार को बढ़ते महिला अपराध एवं आत्महत्या के प्रकरंणों पर गंभीरता से गौर करना चाहिए।

पूर्व विधायक ध्रुव का कहना है कि हमारे आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग में नाबालिग बच्चीयों और अविवाहित लड़कियों के सांथ दुष्कर्म करने का तथा उनके द्वारा आत्महत्या- हत्या करने का जो आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है वो चिंता पैदा करने वाली है। गांव में आज भी अशिक्षा अज्ञानता है और प्रभावी लोगों का बोलबाला जिसके चलते रेप गैंगरेप आत्महत्या जैसे गंभीर ह्रदयविदारक घृणिंत अपराधों को दबा दिया जाता है जैसे की अभी हाल में फरसगांव तहसील धनौरा थाना के छोटे ओडागांव का मामला उजागर हुआ है। अत्यंत विडंबनापूर्ण बात यह भी है कि कानून के रखवाले जिन्हे हम रक्षक मानते हैं वो भी चंद रूपयों के खातिर रक्षक की बजाय भक्षक की भूमिका अदा करने से भी बाज नहीं आते ।वही पूर्व विधायक ने कहा कि यदा कदा छोटे ओडागांव जैसा मामला उजागर हो जाता है और उसमें देशभक्ति जनसेवा का तमगा लगाने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की भूमिका भी उजागर हो जाती है तो उसे बहुत सामान्य तौर पर लेते हुए निलम्बित करके बख्श देने की कोशिश किया जाता है जबकि अपराध कायम करके अभियुक्त बनाकर कडी से कडी कार्यवाही किया जाना चाहिए।

पूर्व विधायक ध्रुव ने पुलिस विभाग के रवैय्यै पर क्षोभ व्यक्त करते कहा है कि एक पुलिस वाला ही केशकाल बडपारा की रहने वाली गरीब आदिवासी लड़की को अपनी हवश का शिकार बनाकर उसे एक बच्ची की मां बनाकर दुनिया उलाहना और ठोकर खाने छोड़ दिया ।जिसके चलते वह लड़की अपना मानसीक संतुलन खो बैठी और दर दर भटकते फिरने को लाचार हो गयी थी। उस पुलिस वाले ने उसकी न सुध लिया और न किसी अस्पताल तक ले जाकर इलाज कराया अंततः वह लड़की असमय ही मर गयी। मां के मरने के बाद आज उसकी नन्ही बच्ची माता पिता के साये से मरहूम रहकर अपने मामा मामी के आसरे जीने को लाचार हो गयी है। पुलिस विभाग अपने विभाग के इस कारिंदे पर सहानुभूति बरतते न कोई परिणांमजनक विभागीय या कानूनी कार्यवाही कर रही है, और उसके पाप का फल भोगती नन्ही बच्ची को उसका हक दिला रही है।

पूर्व विधायक का कहना है कि जब भी कोई नाबालिग बच्ची और अविवाहित कुंवारी लड़की यातना प्रताड़ना वश आत्महत्या करके अपनी जान दे देती है तो उसे बड़ी सहजता से लेते हुए आत्महत्या मानकर पुलिस अपने कर्त्तव्य की इति श्री कर लेती है और मौत के कारण पर सवाल करने पर बड़ी मासूमियत से यह बता दिया जाता है कि पी एम रिपोर्ट में डाक्टर ने आत्म हत्या बताया है इसलिए अब हम कुछ नहीं कर सकते। इसलिए मैं यह मांग करता हूं कि जब भी कोई नाबालिग बच्ची या बालिग कुंवारी लड़की आत्महत्या करें तो पी एम रिपोर्ट में डाक्टर को जांचकर यह साफ साफ ओपनियन लिखना चाहिए की उस लड़की का दैहिक शोषंण करते उससे शारीरिक संबंध बनाया गया है की नहीं। क्योंकि अधिकतर यह होते आ रहा है कि नाबालिग लड़की एवं कुंवारी लड़की को प्रेम प्यार का सब्जबाग दिखाकर उससे पहले शारीरिक संबंध बना दैहिक शोषंण किया जाता है और जब गर्भ ठहर जाता है या फिर विवाह करने की बात आता है तो लड़का मुकर जाता है जिसके कारंण लड़की के सामने बहुत विकट समस्या उत्पन्न हो जाता है और वो जहर खाकर या फांसी लगाकर अपनी जान दे देने को लाचार हो जाती है। महिला आयोग चाईल्ड हेल्प और सरकार को इस तथ्य की ओर बहुत संवेदना एवं गंभीरता पूर्वक चिंतन मनन करके पोस्टमार्टम के संबंध में नया दिशा निर्देश जारी करना चाहिए जिससे लैंगिक शोषण के चलते बढ़ते मौत के आंकड़ों पर अंकुश लग सके।

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By पवन तिवारी
कोरबा। कोरोना महामारी ने जहाँ प्रदेश में अपना पैर पसारे हुए है वही अगर हौसला हो तो अंसभव भी संभव हो सकता है। 90 और 70 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग के स्वस्थ होने से कोरोना के अंधेरे में उम्मीदों की लौ जल उठी, शहर के एक निजी टॉप इन टाउन एनकेएच कोविड अस्पताल में उपचार के बाद घर लौट गए है। कई दिनों तक स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के बीच डॉक्टरों के सही उपचार, मोटिवेशन के साथ अपनों के प्यार ने दुबे और जायसवाल को कोरोना पर जीत दिलाई है।

एनकेएच कोविड-19 हॉस्पिटल से स्वस्थ होकर बाहर निकले दोनों बुजुर्गों का हौसला देखने लायक था। उत्साह के साथ अपने दोनों हाथों से मौजूद व्यक्तियों का अभिवादन किया। उन्होंने हॉस्पिटल में डाक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ एवं नर्सेज द्वारा की गई देखभाल की भी तारीफ की। बातचीत में बताया कि हॉस्पिटल में उनके सहित सभी मरीजों का पूरा ख्याल रखा गया। स्टाफ का व्यवहार भी बेहद अपनत्व से भरा था.

बतादें की 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए यह बीमारी जानलेवा साबित हो रही है लेकिन कोरबा के एक निजी टॉप इन टाउन एनकेएच कोविड अस्पताल ने एक 90 वर्षीय एवं 70 वर्षीय वृद्ध का सफलता पूर्वक इलाज कर एक कीर्तिमान बना दिया है।

कोरबा नेहरू नगर निवासी कोरबा के ख्यातिलब्ध

शिक्षक गोरेलाल दुबे के पैर हाथ में दर्द होने के कारण एनकेएच हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंचे जिनका कोरोना टेस्ट कराया गया तब पता चला की वे कोरोना पॉसिटिव है जिन्हे एनकेएच कोविड अस्पताल (होटल टॉप इन टाउन ) में 06 अक्टूबर को इलाज के लिए भर्ती कराया गया जहाँ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने उम्र के लिहाज से अपनी दोगुनी ऊर्जा के साथ गोरेलाल दुबे की सेवा की इसका परिणाम भी सुखद आया और मात्र 8 दिनों में ही 15 अक्टूबर को पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर घर लौट गए । वही कोरबा गाँधी चौक निवासी 70 वर्षीय विद्याशंकर जायसवाल को बुखार की शिकायत होने पर कोविड टेस्ट कराया गया जहाँ उनकी रिपोर्ट पॉसिटिव आयी श्री जायसवाल को भी 28 सितंबर को NKH कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ इलाज के बाद 09 अक्टूबर को पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर घर लौट गए है।

गोरेलाल के पुत्र राजेश दुबे ने कहा धन्यवाद

90 वर्षीय शिक्षक गोरेलाल दुबे के पुत्र राजेश दुबे ने कहा की बाबूजी को पहले से अस्थमा की शिकायत थी और साँस लेने में तकलीफ थी लेकिन NKH कोविड अस्पताल की व्यवस्थाओ और मेडिकल टीम की सेवा भावी होने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया है उन्होंने बताया की अस्पताल में भर्ती किये जाने के पश्चात् एनकेएच कोविड अस्पताल के डॉक्टर्स एवं मेडिकल स्टाफ ने जिस सेवा भाव से मरीज की देखभाल की उसी का परिणाम है की बाबूजी स्वस्थ होकर घर लौट गए है अभी वे एकदम स्वस्थ है घर में दो अन्य संक्रमित होम आइसोलेशन में है और डॉक्टरों की निगरानी में घर पर ही अपना इलाज करा रहे है।

इलाज पर संतुष्टि जताई जायसवाल ने

कोरबा गाँधी चौक निवासी 70 वर्षीय विद्याशंकर जायसवाल के पुत्र मनीष जायसवाल से जब बात की गयी तो उन्होंने अपने पिता के इलाज पर संतुष्टि जाहिर करते हुए बताया की पिताजी को बुखार आने पर रेपिड टेस्ट कराया गया जहाँ उनकी रिपोर्ट निगेटिव आयी लेकिन शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होने पर सिटी स्केन कराया गया तब लंग्स में इंफेक्शन पाया गया वही इलाज के दौरान ट्रूनेट पीसीआर टेस्ट कराया गया जहाँ रिपोर्ट पॉसिटिव आने पर डॉकटरो ने कोविड की पुष्टि कतरे हुए इलाज प्रारम्भ किया 10 दिनों के इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट गए है श्री जायसवाल ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तारीफ करते हुए उन सभी का आभार माना है


उम्रदराज मरीज का इलाज चुनौती थी हमने चुनौती स्वीकार की

इस सम्बन्ध में एन के एच कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ अविनाश तिवारी ने बताया की एक 90 वर्षीय और 70 वर्षीय मरीजों के भर्ती होने के बाद उनका इलाज़ एक चुनौती थी लेकिन हमने और हमारी पूरी टीम डॉ सगीर खान,डॉ योगेश साहू,डॉ.शाजिया और नर्सिंग स्टाफ ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए दोगुनी ऊर्जा के साथ संक्रमित मरीजों का इलाज प्रारम्भ किया और अंततः दोनों मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए है लेकिन इलाज के दौरान दोनों ही मरीजों ने इलाज में पूरा सहयोग किया।

डॉ. तिवारी का कहना हैं कि समय रहते जैसे दोनों बुजुर्गों को इलाज मिला और वे कोरोना की जंग जीतने में भी कामयाब रहे घर के बुजुर्ग यदि संक्रमित हैं तो उन्हें गंभीरता से ले और यथोचित इलाज को प्राथमिकता दे.उन्होंने आगे कहा कि नवजवानों से ज्यादा खतरा बुजुर्गों को इस बिमारी से रहता हैं.

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