राजनीति

जशपुर

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By तनवीर आलम 

जशपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान को कागजों में पूरा करने के लिए प्रशासन की ओर से जशपुर जिले में अब तक डेढ़ अरब रुपए खर्च किया जा चुका है। यह खुलासा कुनकुरी विधायक यूडी मिंज के द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल के बाद हुआ।

मिंज के तारांकित सवालों के जवाब में पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि जशपुर जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र के 427 ग्राम पंचायतों में कुल 1 लाख 38 हजार 910 शौचालय का निर्माण कराया गया है, जिसमें 149 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस जानकारी में चौंकाने वाला जमीनी हकीकत यह सामने आया है कि डेढ़ अरब रुपए के लागत से निर्मित शौचालयों की हालत बेहद दयनीय है। कई ग्राम पंचायत तो ऐसे हैं जहां शौचालय का पूर्ण निर्माण हुआ ही नहीं है कागजों में शौचालय बनाकर राशि आहरण कर ली गई है। हैरानी की बात यह है कि पूर्ण ओडीएफ घोषित जिले में डेढ़ अरब रुपए पानी की तरह बहाया गया पर शौचालय का निर्माण नहीं हो सका।

आंकड़ों की बाजीगरी के लिए जिले को ओडीएफ बना दिया गया और डेढ़ अरब रुपए फूंक दिए गए। गरीबों के नाम पर जारी पैसों के इस तरह से हुए बंदरबांट को कुनकुरी विधायक ने अपने सरकार के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। साथ ही यूडी मिंज ने विधानसभा में मिले जवाबों के जवाब में यह भी कहा कि डेढ़ अरब रुपए की हकीकत को वो जल्द सामने लाएंगे और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

मंत्री टीएस सिंह से मिले जवाब

विधायक यूडी मिंज के सवालों के जवाब में पंचायत मंत्री सिंह देव ने बताया कि जशपुर जिले के 427 ग्राम पंचायत ओडीएफ घोषित किये गए हैं। अब तक कुल 1,38,910 शौचालय निर्माण किये गए हैं,  जिसमें कुल 149 करोड़ की राशि खर्च की गई है।

विधायक ने कहा गलत है जानकारी

विधायक यू डी मिंज ने बताया कि विधानसभा में जो जानकारी प्रदान की गई है, उसका ग्राम पंचायतवार परीक्षण कर वस्तु स्थिति से पंचायत मंत्री को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के कई गाँव हैं जहाँ शौचालय निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है और लाखों की राशि ले ली गयी है। इसके अलावा पत्थलगांव बगीचा विधानसभा के कई ग्राम पंचायत हैं, जहाँ मात्र 50 से 60 प्रतिशत ही शौचालय निर्माण किये गए हैं, जबकि मंत्री ने बताया है कि 427 ग्राम पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया है। विधायक मिंज ने बताया कि मुझे लगता है ओडीएफ से सम्बंधित जो जानकारी सदन में दी गई है वह विरोधाभास है।

एक भी शौचालय नहीं है

यू डी मिंज ने कहा कि बगीचा विकासखंड के महनई गांव में एक भी शौचालय में टंकी शीट नहीं है जिसकी जाँच जरूरी है अगर सदन को ही संबंधित विभाग गलत जानकारी देकर भ्रमित कर रहे तो उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की माँग मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री से करूँगा। विभाग के अधिकारी कर्मचारी जिन मदों में खर्च करना था उन मदों में राशि भी खर्च नहीं की है जबकि शौचालय निर्माण में कई प्रावधान जुड़े हुए थे।

पुरस्कार के लिए बहाए डेढ़ अरब

विधायक मिंज ने कहा कि जिले के अधिकारी सिर्फ पुरस्कार लेने के लिए डेढ़ अरब खर्च कर ओडीएफ घोषित कर दिया। पुरस्कार के लिए सभी ग्राम पंचायत को फर्जी ओडीएफ घोषित करना जिले के लिए शर्मनाक है जिसे हम सब मिलकर ठीक करेंगे।

बस्तर संभाग

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By संतोष ठाकुर

जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के धुरागांव पहुंचे और शनिवार को होने वाली विशाल किसान आदिवासी सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. अय्याज ताम्बोली ने मुख्यमंत्री को किसान आदिवासी सम्मेलन की तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्यमंत्री बघेल ने लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र के संयंत्र प्रभावित दस गांवों से आए पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को बताया कि संयंत्र स्थापना के लिए अधिग्रहित की गई किसानों की जमीन को वापस दिलाने का यह कार्य पूरे देश में पहली बार हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को यह भी बताया कि भूमि के अधिग्रहण के एवज में दी गई राशि भी किसानों से वापस नहीं ली जाएगी और सभी दस गांवों के किसानों को उनकी जमीन वापस कर दी जाएगी। कार्यक्रम में संयंत्र प्रभावित किसानों को उनकी भूमि का दस्तावेज दिया जाएगा।

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